छत्रपति शिवाजी (Chhatrapati Shivaji) पर बयान देकर फंसे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) ने माफी मांगी है। धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि मैं सपने में भी छत्रपति शिवाजी का अपमान नहीं कर सकता हूं।
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Pandit Dhirendra Krishna Shastri) छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) पर बयान देकर विवादों में फंस गए हैं। छत्रपति शिवाजी पर टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Shastri) ने नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अपने बयान के लिए माफी मांगी। धीरेंद्र शास्त्री ने 24 अप्रैल को नागपुर में छत्रपति शिवाजी पर टिप्पणी की थी।
छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने माफी मांग ली है। इसके साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर सफाई दी है। शास्त्री ने नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा- मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया। बयान का गलत अर्थ निकालकर सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं अत्यंत खेद व्यक्त करता हूं। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवाजी महाराज का अपमान तो दूर, मैं सपने में भी उनकी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकता।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर में 24 अप्रैल को एक धर्मसभा के दौरान छत्रपति शिवाजी महाराज पर टिप्पणी की थी। शास्त्री ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज कई युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से मुक्ति पाने की इच्छा जताई और मुकुट लेकर समर्थ रामदास के पास पहुंचे। शास्त्री के अनुसार, शिवाजी महाराज ने मुकुट रामदास के चरणों में रख दिया, लेकिन रामदास स्वामी ने मुकुट वापस उनके सिर पर रखा। रामदास स्वामी ने शिवाजी से कहा कि थकान के बावजूद जिम्मेदारी निभाना ही सच्ची सेवा है।+
धीरेंद्र शास्त्री का बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद महाराष्ट्र में विवाद बढ़ गया। शिवाजी महाराज के वंशज और पूर्व राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति ने शास्त्री के बयान को गलत और भ्रामक बताया। संभाजीराजे छत्रपति ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री, मध्य प्रदेश से आते हैं, जहां छत्रसाल बुंदेला ने शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर मुगलों से लड़ाई लड़ी थी। उन्हें शिवाजी महाराज पर ऐसी टिप्पणी नहीं करना चाहिए। शास्त्री के बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इतिहास की किताबों में ऐसा कोई प्रसंग नहीं है।