
CJP Protest: पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता दिलीप घोष ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संसद में जारी गतिरोध को लेकर विपक्ष पर करारा हमला बोला है। दिलीप घोष ने कहा कि राहुल गांधी चाहे जो भी कर लें, उनका राजनीतिक 'वनवास' समाप्त होने वाला नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने संसद में हो रहे हंगामे और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर भी विपक्ष की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।
दिलीप घोष ने हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों के दौरान लगभग 100 पुलिसकर्मी घायल हुए, लेकिन नेता प्रतिपक्ष ने उनके प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। घोष ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या पुलिस के जवान इस देश के नागरिक नहीं हैं? विपक्ष को चिंता सिर्फ तब होती है जब उनके अपने समर्थक या गुंडे पिटते हैं।उन्होंने आगे कहा कि जनता सब देख रही है और राहुल गांधी के इन प्रयासों से उनका राजनीतिक वनवास खत्म नहीं होगा।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के मामले पर भी दिलीप घोष ने सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि जब वांगचुक ने भूख हड़ताल की, तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा खुद उनसे मिलने पहुंचे और उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। घोष ने कहा कि हमारे देश में महात्मा गांधी के समय से सत्याग्रह का सम्मान करने की परंपरा रही है। हम भी इसका आदर करते हैं, इसीलिए हमारे सम्मानित मंत्री उनसे मिलने गए और बातचीत के जरिए समाधान निकाला।
देश में जगह-जगह होने वाले प्रदर्शनों पर बोलते हुए भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इन आंदोलनों के पीछे कुछ खास ताकतें काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं कि ये लोग किससे प्रेरित हैं। कुछ लोग राहुल गांधी की तरह नेता चमकना चाहते हैं, तो कुछ टिकैत की तरह आगे आ जाते हैं। हर आंदोलन में चेहरे वही होते हैं और उनके नारे भी एक जैसे ही सुनाई देते हैं।
दिलीप घोष ने आगे कहा कि कई बार ऐसे ही आंदोलनों की आवाजें पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से भी आती हैं। ऐसे में यह जांच का विषय है कि इन प्रदर्शनकारियों के तार कहां-कहां जुड़े हुए हैं।