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कर्नाटक में मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे को मिल सकता है बड़ा पद! AHINDA को साधने के लिए कांग्रेस का प्लान तैयार

Karnataka Congress Politics: कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले नई कैबिनेट को लेकर मंथन जारी है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए प्रियांक खरगे को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज है, जबकि सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को भी अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।

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Jun 02, 2026
Karnataka Congress Cabinet Formation
मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक को बनाया जा सकता है डिप्टी सीएम (Photo-IANS)

AHINDA Vote Bank Karnataka: कर्नाटक में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार बुधवार को सीएम पद की शपथ लेंगे। लेकिन अभी तक मंत्रिमंडल की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि पार्टी दो डिप्टी सीएम के फॉर्मूले पर विचार कर रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे सिद्धारमैयार सरकार में मंत्री थे। इस बार उन्हें डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना सबसे अधिक है।

दरअसल, इसके पीछे जातीय समीकरण को प्रमुख वजह माना जा रहा है। क्योंकि डीके शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं। जिसकी राज्य में कुल आबादी 10 से 12 फीसदी है। वहीं सिद्धारमैया दशकों से राज्य में AHINDA (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) की राजनीति करते आए हैं।

कांग्रेस बीते कुछ समय से दलित वोट बैंक पर निगाहे गड़ाए हुए हैं। पार्टी के नेताओं को डर है कि डीके शिवकुमार का कद बढ़ने से अहिंदा वोट बैंक में बिखराव हो सकता है। इसे रोकने के लिए प्रियांक खरगे को डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा है। क्योंकि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उनके बेटे प्रियांक जो खुद दलित समुदाय से आते हैं। 

सिद्धारमैया के बेटे को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

कांग्रेस आलाकमान द्वारा सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र को डिप्टी सीएम बनाने की अटकलें लगाई जा रही थी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे डिप्टी सीएम की दौड़ में नहीं है। लेकिन अब माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार कैबिनेट में यतींद्र को अहम बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है, क्योंकि नेतृत्व परिवर्तन के बाद कांग्रेस आलाकमान पर शांतिपूर्ण और संतुलित समीकरण बनाने की जिम्मेदारी सबसे अहम हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें राहुल गांधी की ओर से आश्वासन मिला था।

आलाकमान प्रदेश में एक बार फिर से किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं चाहता है, क्योंकि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के गुट ने काफी परेशान किया था। 

करीब 12 मंत्री लेंगे शपथ

डी.के. शिवकुमार बुधवार शाम 4 बजे लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 10 से 12 मंत्रियों के भी शपथ लेने की संभावना है। बताया जा रहा है कि युवा नेताओं को मौका देने के लिए मौजूदा मंत्रिमंडल के कुछ चेहरों की छुट्टी हो सकती है। हालांकि सिद्धारमैया, शिवकुमार और खड़गे खेमे अपने-अपने करीबी नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस के सामने क्या है चुनौती

कांग्रेस नेतृत्व के सामने क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधते हुए मंत्रियों की सूची तैयार करने की चुनौती है। साथ ही उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी फैसला किया जाना है, जिसकी मांग सिद्धारमैया खेमे की ओर से की जा रही है।

वहीं कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व लगातार सिद्धारमैया को राज्य सभा भेजने की कोशिश कर रहा है। हालांकि उन्होंने फिलहाल राज्य की राजनीति में सक्रिय बने रहने और विधायक के रूप में काम जारी रखने की इच्छा जताई है।

Updated on:
02 Jun 2026 01:55 pm
Published on:
02 Jun 2026 01:53 pm