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शिवसेना के पार्षद रमेश म्हात्रे के हमले से डरे डॉक्टर का इस्तीफा, बोले- गुंडे निगरानी कर रहे, अब शहर नहीं लौटूंगा

Thane Doctor Assault: ठाणे के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों से मारपीट के मामले में एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर ने सुरक्षा का डर बताते हुए शहर छोड़ने और दोबारा अस्पताल नहीं लौटने की बात कही है।
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Jul 09, 2026
Thane Doctor Assault
डॉक्टर के साथ मारपीट। (फोटो- आईएएनएस)

Ramesh Mhatre case मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक नगर निगम अस्पताल में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे की ओर से मारपीट का शिकार हुए डॉक्टरों में से एक ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें अपनी सुरक्षा का डर है और उन्होंने हमेशा के लिए शहर छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा कि इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया है और अब वह अस्पताल में काम करने के लिए खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते।

डॉक्टर ने कहा कि मैंने इस्तीफा इसलिए दिया क्योंकि मुझे बहुत डर लग रहा है। गुंडे हमारी निगरानी कर रहे हैं और मैं शहर छोड़ चुका हूं। वे बहुत खतरनाक लोग हैं। दूसरे डॉक्टर वहां काम जारी रख सकते हैं, लेकिन मैं नहीं। मैं दोबारा वहां कभी नहीं जाऊंगा। यह घटना 6 जुलाई को डोंबिवली स्थित कल्याण-डोंबिवली नगर निगम की ओर से संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई थी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब एक पुरुष और एक महिला डॉक्टर ने नवजात शिशु के परिजनों को सलाह दी कि अस्पताल की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) पूरी तरह भरी हुई है, इसलिए बेहतर इलाज के लिए बच्चे को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाना जरूरी है।

समर्थकों के साथ पहुंचे थे अस्पताल

बताया गया कि डॉक्टरों की इस सलाह के बाद परिजनों ने स्थानीय शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे से संपर्क किया। इसके बाद वह अपने कई समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे। घटना का सीसीटीवी फुटेज बाद में सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें रमेश म्हात्रे और उनके समर्थक पहले डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से बहस करते और फिर उनके साथ मारपीट करते दिखाई दिए। फुटेज में यह भी दिखा कि एक महिला डॉक्टर जब मोबाइल पर बात कर रही थीं, तब रमेश म्हात्रे ने उनका मोबाइल झटक दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गया।

एक डॉक्टर घायल

वीडियो में उन्हें एक अन्य डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए देखा गया। इस घटना में एक डॉक्टर के घायल होने की भी खबर है। हालांकि मामला बढ़ने पर रमेश म्हात्रे ने सफाई दी। उन्होंने महिला डॉक्टर से मारपीट के आरोप से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल उनका मोबाइल इसलिए हटाया, क्योंकि वह उनकी बात का जवाब नहीं दे रही थीं। उन्होंने माफी मांगने से भी इनकार करते हुए दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से एक नवजात की जान बची।

पुलिस ने मामला दर्ज किया

उन्होंने यह भी कहा कि अगर डॉक्टर अपने व्यवहार के लिए माफी मांगेंगे, तभी वह भी खेद जताने पर विचार करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया है। पुलिस ने रमेश म्हात्रे और उनके पांच सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद तबीयत खराब होने की शिकायत पर उन्हें ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Updated on:
09 Jul 2026 02:44 pm
Published on:
09 Jul 2026 02:43 pm