भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने पुडुचेरी में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। डॉ. मनसुख मांडविया और भाजपा के पुडुचेरी प्रभारी निर्मल कुमार सुराना जल्द ही पुडुचेरी के लिए रवाना होंगे। पढ़ें पूरी खबर...
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा चुनाव में एनडीए को दोबारा बहुमत मिला है। ऐसे में भाजपा ने पुडुचेरी में विधायक दल का नेता चुनने के लिए केंद्रीय मंत्री सहित दो वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है।
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने पुडुचेरी में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और भाजपा के पुडुचेरी प्रभारी निर्मल कुमार सुराना को नियुक्त किया है। ये दोनों नेता आगमी दिनों में विधायक दल का नेता चुनने में अहम भागीदारी निभाएंगे।
पुडुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा का चुनाव हुआ था। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस के नेतृत्व में भाजपा के साथ वाला गठबंधन एनडीए मैदान में उतरा। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व में सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस और डीएमके ने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इस चुनाव में ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (एआईएनआरसी) को 12, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) को 5, भाजपा को 4, तमिलागा वेत्री कझगम को 2, कांग्रेस 1, एडीएमके 1, नेयम मक्कल कझगम (एनयएमके) को 1 और 3 निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की है।
23 मार्च को सीट-बंटवारे समझौते के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) क्रमशः 17 और 13 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए सहमत हुए थे। हालांकि, कांग्रेस ने डीएमके को आवंटित पांच सीटों पर पहले ही उम्मीदवार उतार दिए थे, जिसके परिणामस्वरूप इन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों पार्टियों के बीच सौहार्दपूर्ण मुकाबला हुआ।
बता दें कि पुडुचेरी की 30 निर्वाचित सीटों के अलावा विधानसभा में 3 सदस्य उपराज्यपाल द्वारा नामित किए जाते हैं। पुडुचेरी में इस बार कुल 9,50,311 मतदाता थे। इनमें 4,46,361, पुरुष 5,03,810 महिलाएं और 140 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे। इस चुनाव में कुल 294 उम्मीदवार मैदान में उतरे। पुडुचेरी में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार कुल 89.87 प्रतिशत मतदान हुआ, जो केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अब तक का सबसे अधिक मतदान है।