अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान और दिल्ली-NCR सहित पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग घरों से बाहर निकल गए।
दिल्ली-NCR सहित पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग घरों से बाहर निकल गए। भूकंप के झटके दिल्ली-NCR, हरियाणा राजस्थानऔर पंजाब सहित कई प्रदेशों में महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में बताया जा रहा है।
दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस होने से लोग दहशत में आ गए। भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग घरों से बाहर निकल आए। गनीमत रही कि भूकंप से कहीं जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान बॉर्डर क्षेत्र में बताया जा रहा है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई है। भूकंप के झटके जम्मू-कश्मीर के उधमपुर, पुंछ और कश्मीर घाटी के कई इलाकों में महसूस किए गए हैं।
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में जमीन के अंदर 175 किलोमीटर नीचे था। भूकंप का केंद्र जमीन के काफी अंदर होने की वज से इसका असर कम हुआ है। अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सहित उत्तर भारत में भूंकप आने से पहले तिब्बत में धरती हिली थी। तिब्बत में शुक्रवार रात करीब 8.12 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई थी।
भूकंप पृथ्वी की सतह का अचानक हिलना या कांपना है। यह मुख्य रूप से प्लेट टेक्टॉनिक्स के सिद्धांत से जुड़ा है। इसके मुख्य कारणों की बात करें तो टेक्टोनिक प्लेटों की गति पृथ्वी की बाहरी परत (स्थलमंडल या लिथोस्फीयर) कई बड़ी-बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों में बंटी हुई है।
यह प्लेटें लगातार बहुत धीमी गति से (साल में कुछ सेंटीमीटर) घूमती या खिसकती रहती हैं। जब प्लेटों के किनारे घर्षण के कारण अटक जाते हैं तो तनाव लगातार बढ़ता रहता है। जब यह तनाव इतना ज्यादा हो जाता है कि चट्टानें सहन नहीं कर पातीं तो वे अचानक टूटती या खिसकती हैं। ऐसी स्थिति में भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं, जो पृथ्वी की सतह पर कंपन पैदा करती हैं।