
ED Raid: केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सहकारी समितियों से जुड़े तीन कथित धोखाधड़ी मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। ED की टीम ने बुधवार को राज्य के तीन अलग-अलग जिलों त्रिशूर, एर्नाकुलम और कोझिकोड में एक साथ 20 ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाही शुरू की। स्थानीय पुलिस के सहयोग से जारी इस अभियान का मुख्य मकसद तीन प्रमुख सहकारी समितियों में सदस्यों और जमाकर्ताओं के साथ हुई करोड़ों रुपये की जालसाजी का पर्दाफाश करना है।
ईडी (ED) की यह कार्रवाई तीन अलग-अलग मामलों (ECIR) के तहत की जा रही है। शुरुआती जांच और आकलनों के अनुसार, तीनों समितियों को मिलाकर करीब 92 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसी फर्जी लोन आवंटन, ऊंची ब्याज दरों का झांसा देने और गिरवी रखी जमीनों को अवैध तरीके से बेचने के आरोपों की जांच की जा रही है।
सबसे बड़ा घोटाला अर्बन को-ऑपरेटिव सोसाइटी का है, जहां पदाधिकारियों पर फर्जी लोन जारी कर सदस्यों को लगभग 55 करोड़ रुपये की चपत लगाने का आरोप शामिल है। ED के अधिकारी इस सिलसिले में एर्नाकुलम और इसके आसपास के 5 से 6 परिसरों में तलाशी ली जा रही हैं।
दूसरी तरफ हो रही कार्रवाई थेन्नेला सर्विस को-ऑपरेटिव सोसाइटी से जुड़ी है। जहां आरोप है कि प्रबंधन ने लोगों को जमा राशि पर भारी ब्याज देने का लालच दिया और फर्जी लोन के जरिए करीब 10 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। इस मामले के तहत कोझिकोड और आसपास के 7 से 8 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
तीसरा मामला त्रिशूर स्थित कुट्टानेल्लूर को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि बैंक के पदाधिकारियों ने खाताधारकों और संपत्ति मालिकों की बिना सहमति के, गिरवी रखी गई संपत्तियों को दूसरों के नाम ट्रांसफर कर दिया। इस घोटाले में अपराध से अर्जित रकम लगभग 27 करोड़ रुपये आंकी गई है। त्रिशूर और आसपास के 5-6 स्थानों पर एजेंसी के अधिकारी दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं।