
सांकेतिक तस्वीर
Operation Firewall 2026: भारतीय नौसेना और संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक करने वाले एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पाकिस्तान से जुड़े इस नेटवर्क को खत्म करने के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस की स्टेट काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने ऑपरेशन फायरवॉल 2026 शुरू किया है। इस मामले में जांच एजेंसियों के रडार पर 18 लोग हैं, जिनमें 13 नौसैनिक शामिल हैं। एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या भारतीय नौसेना और रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों को दी गई थी। अब तक की कार्रवाई में एक नौसैनिक और एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है।
आंध्र प्रदेश CI सेल के अनुसार, ऑपरेशन फायरवॉल 2026 के तहत 12 टीमों ने 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इनमें आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, गोवा, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और बिहार शामिल हैं। जांच का मुख्य फोकस संदिग्धों के पाकिस्तान के खुफिया एजेंटों के साथ कथित संबंधों और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों के डिजिटल कम्युनिकेशन, वित्तीय लेनदेन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संभावित विदेशी खुफिया संपर्कों की जांच की जा रही है।
काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने महीनों की निगरानी और खुफिया जानकारी मिलने के बाद दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार लोगों में 31 वर्षीय नौसेना कर्मी प्रदीप मुखर्जी शामिल हैं, जो 2014 में भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। मुखर्जी को तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक सैन्य प्रशिक्षण कोर्स में भाग लेने के दौरान गिरफ्तार किया गया था।
आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान पकड़े गए मुखर्जी पर आरोप है कि वे हनीट्रैप का शिकार होने के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों को समुद्री खुफिया जानकारी लीक कर रहे थे। उन्हें ट्रांजिट वारंट पर विजयवाड़ा लाया गया और अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 14 अक्टूबर तक विजयवाड़ा जिला जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दूसरी गिरफ्तारी विशाखापट्टनम में हुई, जहां काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने नौसेना से जुड़े एक सिविलियन कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर अन्नम साई वरप्रसाद को पकड़ा। वरप्रसाद पर नौसेना और अन्य रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़ी अहम जानकारी पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाने का आरोप है। जांच एजेंसियां इस बात की बारीकी से जांच कर रही हैं कि क्या उन्हें यह जानकारी साझा करने के बदले हवाला के जरिए कोई आर्थिक लाभ या भुगतान मिला था। अदालत ने वरप्रसाद को भी 14 अक्टूबर तक विशाखापत्तनम जिला जेल में न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि विशाखापट्टनम के नेवल हब से जुड़ी कौन सी संवेदनशील जानकारी को निशाना बनाया गया था। शुरुआती जांच से पता चला है कि विशाखापट्टनम में रक्षा प्रतिष्ठानों और नौसेना की गतिविधियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी इकट्ठा की जा रही थी और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी हैंडलर्स को भेजी जा रही थी।
छापेमारी के दौरान कई संदिग्धों के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि शुरुआती जांच में 18 आरोपियों में से दो के खिलाफ सबूत मिले हैं।
इस जासूसी मामले में शामिल बाकी 16 संदिग्धों की जांच तेजी से चल रही है। काउंटर इंटेलिजेंस और फोरेंसिक एक्सपर्ट जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, एन्क्रिप्टेड चैट, बैंक ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड और विदेशी एजेंटों के साथ संभावित संपर्कों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। एजेंसियों का मुख्य मकसद पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करना और यह पक्का करना है कि रक्षा से जुड़े कोई और संवेदनशील दस्तावेज या रणनीतिक जानकारी लीक न हुई हो।
Updated on:
07 Oct 2026 09:53 am
Published on:
07 Oct 2026 09:43 am
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