ED raids at three I PAC offices: ईडी ने एक बार फिर से आईपैक के दफ्तरों पर छापेमारी की है। इससे पहले कोलकाता में ईडी ने छापा मारा था।
ED raids at three I PAC offices: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर आईपैक के कई ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। यह छापेमारी दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु में चल रही है। आईपैक बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी का चुनाव प्रबंधन देखती है। दरअसल, यह छापेमारी कोयले की तस्करी को लेकर चल रही है। हालांकि छापेमारी के दौरान क्या कुछ मिला है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
बेंगलुरु में आईपैक के डायरेक्ट ऋषिकांत सिंह के आवास पर भी छापेमारी हुई। दरअसल, I-Pac और उसके डायरेक्टर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में 27 नवंबर 2020 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
बता दें कि पिछली बार ईडी ने आईपैक के कोलकाता दफ्तर और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की थी। ठीक इसी दौरान सीएम ममता बनर्जी मौके पर पहुंच गईं, जिससे काफी बवाल मच गया था।
सुबह लगभग 6:20 बजे से ईडी की टीम प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर तलाशी ले रही थी। दोपहर करीब 12:44 बजे ममता बनर्जी वहां पहुंचीं। उनके साथ कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा भी थे। ममता कुछ देर अंदर रहीं और बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी, जिसे वे अंदर जाते समय साथ नहीं लाई थीं।
ममता बनर्जी ने दावा किया था कि ईडी टीएमसी के पार्टी दस्तावेज और चुनावी डेटा जब्त करने की कोशिश कर रही है। इसके बाद वे सॉल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित आई-पैक के ऑफिस पहुंचीं। वहां उन्होंने बैक डोर से प्रवेश किया और करीब 15-20 मिनट बाद बाहर निकलीं। ऑफिस से निकलते समय वे करीब 4:20 बजे चली गईं।
ईडी की इस कार्रवाई को सीएम ममता बनर्जी ने मोदी सरकार की साजिश बताया था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा था कि क्या यह गृह मंत्री का काम है? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और बंगाल में वोटर लिस्ट से नाम काटने की प्रक्रिया भी इसी सिलसिले में चल रही है।