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El Nino: भारत के किसानों को डरने की जरूरत नहीं! हर बार अलनीनो सूखा नहीं लाता

El Nino in India: आइएमडी के अनुसार देश में 1950 के बाद (76 साल) अब तक 16 बार अल नीनो की स्थिति बनी, जिनमें से 7 बार देश में मानसून की बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई।
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Aug 06, 2026
el nino
देश में 1950 के बाद 16 बार बने अल नीनो के हालात। 7 बार सामान्य से कमजोर रहा मानसून। (AI जनरेटेड इमेज)

El Nino Impact on Monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून पर अलनीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग लगातार निगरानी और पूर्वानुमान जारी कर रहा है। इस बार अल नीनो की स्थिति बनने पर मानसून कमजोर पड़ सकता है, हालांकि इसका प्रभाव अल नीनो की तीव्रता पर निर्भर करेगा। आइएमडी के अनुसार देश में 1950 के बाद (76 साल) अब तक 16 बार अल नीनो की स्थिति बनी, जिनमें से 7 बार देश में मानसून की बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। जबकि 9 बार अल नीनो पर लोकल जलवायु पैटर्न हावी रहा और मानसून पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अलनीनो वाले सालों में सितंबर माह की बारिश और अल नीनो के बीच भी मजबूत विपरीत संबंध भी देखे गए हैं। ऐसे में इस बार अलनीनो की आशंका के बीच मानसून की बारिश कितनी प्रभावित होगी, हालांकि इसका आकलन अभी तक नहीं किया गया है। लेकिन इतना तय है कि अलनीनो का मतलब हर बार सूखा नहीं होता।

आइएमडी ने इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए पहले चरण के दीर्घकालिक पूर्वानुमान में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) की 92 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था। बाद में दूसरे चरण के पूर्वानुमान में इसे संशोधित कर 90 प्रतिशत किया गया। दोनों पूर्वानुमानों में मानसून के दौरान अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना भी जताई गई थी, ताकि केंद्र और राज्य सरकारें तथा अन्य संबंधित एजेंसियां समय रहते तैयारी कर सकें। हालांकि इस मामले में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 में अल नीनो के प्रभाव को लेकर राज्यों के लिए अलग से जिला-वार जोखिम आकलन या दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

अलनीनो के 7 साल, जब मानसून सामान्य से कमजोर रहा

अलनीनो के प्रभाव के चलते साल 1957, 1965, 1972, 1976, 1987, 2002 व 2009 में मानसून सामान्य से कमजोर रहा। साल 1972, 1987, 2002 और 2009 भारत के प्रमुख सूखे सालों में गिने जाते हैं।

अलनीनो के वो 9 साल, जब सामान्य रहा मानसून

वर्षमानसून (एलपीए के प्रतिशत में)स्थिति
195198%सामान्य
1953100%सामान्य
1963102%सामान्य
1968105%सामान्य से थोड़ा अधिक
1969101%सामान्य
198299%सामान्य
199191%सामान्य के करीब
1997103%सामान्य
201892%सामान्य के करीब

अल नीनो का मतलब हर बार सूखा नहीं

आइएमडी का कहना है कि अल नीनो का मतलब हर बार सूखा नहीं होता, बल्कि यह केवल मानसून कमजोर पड़ने की आशंका बढ़ाता है। अलनीनो की मौजदूगी के बावजूद कई बार स्थानीय जलवायु पैटर्न उसके प्रभाव को संतुलित कर देते हैं। उदाहरण के तौर पर 1997-98 में दुनिया का सबसे शक्तिशाली अल नीनो था, लेकिन भारत में मानसून सामान्य रहा क्योंकि उस समय सकारात्मक आइओडी ने अल नीनो के प्रभाव को काफी हद तक संतुलित कर दिया।