
Maharashtra Tiger Attack: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही वन क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर बाघ के हमले में एक महिला और एक किसान की मौत हो गई। दोनों घटनाएं करीब 5 किलोमीटर के दायरे में हुई हैं। वन विभाग को आशंका है कि दोनों हमलों में एक ही बाघ शामिल हो सकता है। लगातार हुई घटनाओं से आसपास के गांवों में डर का माहौल है। मृतकों की पहचान नानाजी नारायण कामडी (55) और प्रेमिला महाडोले (40) के रूप में हुई है। प्रेमिला भेंडारा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में काम करती थीं। वह अपने पति के साथ खेत में तिल और धान की कटाई करने गई थीं।
प्रेमिला के पति खेत के दूसरे हिस्से में फसल में पानी देने चले गए। इसी दौरान घात लगाकर बैठे बाघ ने प्रेमिला पर हमला कर दिया। कुछ देर बाद जब वह दिखाई नहीं दीं तो पति ने उन्हें आवाज लगाई। तलाश करने पर प्रेमिला का शव खेत में मिला। पत्नी को मृत देखकर पति बदहवास हो गया। आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और डर है।
दूसरी घटना सिंदेवाही वन क्षेत्र के पलसगांव जाट गांव की है। यहां रहने वाले नानाजी नारायण कामडी अपने खेत में तिल की कटाई करने गए थे। वह कटाई किया हुआ तिल घर पहुंचाकर फिर खेत पर चले गए। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। कुछ समय बाद खेत में उनका शव मिला। बाघ के हमले में उनकी मौत हो चुकी थी।
लगातार दो घटनाओं के बाद वन विभाग ने हमलावर बाघ को पकड़ने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। क्षेत्र में छह कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग की टीम तैनात है और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत भी दी गई है।
चंद्रपुर जिले में इस साल अब तक वन्यजीवों के हमलों से जुड़ी घटनाओं में 35 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें 33 लोगों की जान बाघ के हमलों में गई, जबकि हाथी और तेंदुए के हमलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। वर्ष 2025 में जिले में वन्यजीवों के हमलों में 47 लोगों की मौत हुई थी। इनमें बाघ के हमलों में 42, तेंदुए के हमलों में तीन और भालू तथा हाथी के हमलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई थी।