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भारत-US ट्रेड डील या किसानों के लिए आफत? सड़कों पर क्यों उतरे अन्नदाता, क्या है ‘जीरो टैरिफ’ का असली सच?

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसान संघों ने बीते सप्ताह हस्ताक्षरित अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

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Feb 10, 2026
किसानों का प्रदर्शन (फाइल फोटो)

India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते (ट्रेड फ्रेमवर्क) के खिलाफ किसान संगठन सड़कों पर उतर आए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) और अन्य किसान संघों ने 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय हड़ताल और व्यापक विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। किसान इसे भारतीय कृषि, डेयरी और ग्रामीण आजीविका के लिए पूर्ण आत्मसमर्पण बता रहे हैं। वे वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और समझौते को वापस लेने की अपील कर रहे हैं।

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'जीरो टैरिफ' का डर: अमेरिकी उत्पादों के लिए बाजार खुलने की आशंका

समझौते के अनुसार, भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई कृषि उत्पादों पर शुल्क खत्म या काफी कम करेगा। इसमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन (DDGs), लाल सोरघम (पशु चारा), ट्री नट्स, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। पहले ये उत्पादों पर 30-150% तक शुल्क था, अब शून्य या बहुत कम। किसानों का आरोप है कि अमेरिकी सब्सिडी वाले सस्ते उत्पाद भारतीय बाजार में बाढ़ ला देंगे, जिससे घरेलू कीमतें गिरेंगी और छोटे-सीमांत किसान (86% किसान) बर्बाद हो जाएंगे। उदाहरण: कच्चे कपास पर शुल्क शून्य होने से कीमतें 1,000-1,500 रुपये प्रति क्विंटल घटीं। सेब, सोयाबीन, गेहूं, दालें, तिलहन प्रभावित होंगे।

डेयरी और पोल्ट्री पर सबसे बड़ा खतरा

किसान डेयरी क्षेत्र की चिंता में हैं। अमेरिकी दूध और डेयरी उत्पादों पर पहले प्रतिबंध थे (मांसाहारी आहार वाली गायों से दूध), अब गैर-शुल्क बाधाएं कमजोर हो रही हैं। लाखों ग्रामीण परिवार प्रभावित होंगे। DDGs (जेनेटिकली मॉडिफाइड मकई से) पशु चारे के रूप में आएगा, जो पोल्ट्री और डेयरी को सस्ता चारा देगा लेकिन भारतीय सोयाबीन किसानों (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र) को नुकसान पहुंचाएगा। GM खाद्य और बीजों से मिट्टी, जैव विविधता और खाद्य संप्रभुता खतरे में। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्वी राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित।

सरकार का दावा: किसानों के हित सुरक्षित

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्र सुरक्षित हैं। पीएम मोदी ने किसानों को प्राथमिकता दी। समझौते से भारतीय निर्यात (चाय, कॉफी, मसाले, समुद्री उत्पाद) पर अमेरिका में शुल्क 50% से घटकर 18% या शून्य होगा, जिससे 44 अरब डॉलर के निर्यात को फायदा। कुल द्विपक्षीय व्यापार 500 अरब डॉलर तक बढ़ेगा।

विपक्ष और किसानों का गुस्सा

विपक्ष इसे अमेरिका के इशारे पर बता रहा है। SKM नेता डॉ. दर्शन पाल ने कहा, 'भारतीय कृषि बहुराष्ट्रीय निगमों की दया पर छोड़ दी जाएगी, खाद्य संप्रभुता और ग्रामीण रोजगार खतरे में।' पिछले FTAs (न्यूजीलैंड, EU) से सबक लेते हुए किसान कहते हैं कि कृषि को बाहर रखने का वादा टूट रहा है। पंजाब में तीव्र विरोध, दिल्ली घेराव की तैयारी।

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Published on:
10 Feb 2026 07:50 pm
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