Farooq Abdullah Says Hitler System: नए साल के मौके पर फारूक अब्दुल्ला ने पत्रकारों से बात की। वार्ता के दौरान उन्होंने कश्मीरियों के अधिकारों पर जोर दिया और कहा कि देश में हिटलर की व्यवस्था चल रही है।
Farooq Abdullah on Kashmiri Seller: नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKN) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने नए साल के मौके पर पत्रकारों से बात की है। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जगह कश्मीरी विक्रेताओं पर हो रहे हमलों को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कश्मीर के विक्रेता देशभर में घूमकर अपने शॉल बेचते हैं।
उन्होंने कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर होने वाले हमलों की आलोचना करते हुए चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि विक्रेता देश के दूसरे शहरों में शॉल बेचने जाते हैं, लेकिन उन पर हमले होते हैं। इन हमलों की कड़ी आलोचना करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का उद्देश्य देश में तानाशाह हिटलर की व्यवस्था को लागू करना है।
फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए इन हमलों पर चिंता जाहिर की। साथ ही उन्होंने कहा, "यही हमारा भाग्य है। कुछ लोग ऐसे हैं जिनके इरादे बिल्कुल अलग हैं। वे हिटलर के रास्ते पर चल रहे हैं और यहां हिटलर की व्यवस्था लागू करना चाहते हैं।"
साथ ही उन्होंने अतिवाद पर निशाना साधते हुए कहा कि यह विरोधी और अतिवाद की मानसिकता ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी। हिटलर अतिवाद का शिकार था। वह तो चला गया। अब वो समय भी दूर नहीं जब यह अतिवाद भी खत्म हो जाएगा।
सर्दी का मौसम शुरू होते ही कश्मीर के शॉल विक्रेता देशभर में कश्मीरी शॉल बेचने निकल जाते हैं। वे देश के विभिन्न हिस्सों में शॉल बेचते हैं। लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले की कुछ घटनाएं सामने आई हैं। हाल ही में हमले का एक मामला उत्तराखंड के काशीपुर शहर से सामने आया है। वहां एक शॉल विक्रेता पर दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े एक समूह ने हमला किया था।
हालांकि शुरुआती समय में इस घटना का पता नहीं चला था, लेकिन वीडियो वायरल होने पर यह मामला सामने आया। यह वीडियो अंकुर सिंह नाम के एक व्यक्ति ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया था। वीडियो में संगठन के लोग जम्मू-कश्मीर के कुपवारा शहर के निवासी बिलाल गनी को पीटते हुए दिखाई दे रहे थे। साथ ही हमलावर बिलाल को "भारत माता की जय" का नारा लगाने के लिए दबाव बना रहे थे।
बिलाल गनी को पीटने का मामला सामने आने पर पुलिस ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कार्यालय से एक बयान जारी किया गया था। पुलिस ने कहा था कि हमने वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान करके उन्हें हिरासत में ले लिया है। साथ ही उन्होंने इस बात का भी आश्वासन दिया कि निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि उत्तराखंड के बाद हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से भी ऐसी ही घटनाएं सामने आई थीं, जहां कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले हुए थे।