3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बांग्लादेश में हिंदुओं के खात्मे की सच्चाई: कैसे रच रहे हैं षडयंत्र; इंटेलिजेंस एजेंसी का विस्फोटक खुलासा

Violence Against Minorities in Bangladesh: बांग्लादेश, अल्पसंख्यकों के खात्मे की ओर आगे बढ़ रहा है। एक ओर शांति बनाए रखने की नसीहत दे रहा है, तो दूसरी ओर हिंदू हत्या और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं। इतना ही नहीं, सबूतों को भी दफनाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में एक विस्फोटक खुलासा किया है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Kuldeep Sharma

Dec 31, 2025

extermination of Hindus in Bangladesh

सामने आई बांग्लादेश में हिंदुओं के खात्मे की सच्चाई: कैसे रच रहे हैं षडयंत्र; सबूतों को दफनाया। (Photo-IANS)

Extermination of Hindus: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के दृश्य और भी ज्यादा भयावह होते जा रहे हैं। हिंदुओं की हत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जमात-ए-इस्लामी और ISI अल्पसंख्यकों की हत्याओं को अंजाम देने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं।

इतना ही नहीं, घटनाओं पर पर्दा डाला जा रहा है। हत्याओं को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आरोपों को हल्का करके दिखाया जा रहा है।

हाल ही में इंटेलिजेंस ने चौंका देने वाला खुलासा किया है। एजेंसी के अनुसार, बांग्लादेश में एक नया पैटर्न देखने को मिला है। इसमें पुलिस अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा करने वालों पर लगे आरोपों को हल्का कर रही है, ताकि ऐसी घटनाओं को हादसा या निजी झगड़ा बताकर टाल दिया जाए।

खुफिया एजेंसियों का खुलासा

बांग्लादेश में लगातार बढ़ रही हिंसा पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर है। हाल ही में खुफिया एजेंसियों ने खुलासा किया है कि बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर काम कर रही है।

साथ ही एजेंसी ने बताया कि इनका असली मकसद देश से हर अल्पसंख्यक को खत्म करना है। उन्होंने कहा कि अगर बांग्लादेश में हो रही अल्पसंख्यकों की हत्या के पैटर्न पर ध्यान दें, तो देखा जा सकता है कि जब भी अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को मारा जाता है, तो पुलिस इसे किसी तरह की निजी दुश्मनी बताकर टाल देती है।

साथ ही ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहां हिंदुओं को बाहरी या भारतीय एजेंट बताया गया है। यहां तक कि भारत विरोधी छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या को भी भारतीय एजेंटों की साजिश बताया गया था।

मकसद भारत के खिलाफ जहर भरना

इस विषय पर आगे की जानकारी देते हुए अधिकारी ने कहा कि इनका मकसद हर बांग्लादेशी को भारत विरोधी बनाना है, जैसा कि पाकिस्तान में है। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा हमेशा से रही है।

साथ ही उन्होंने पाकिस्तान की साजिश को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से बांग्लादेश में लगातार हिंसा बढ़ रही है, उससे साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इन गतिविधियों में पूरी तरह से सम्मिलित है।

साथ ही बांग्लादेश में यह भी ट्रेंड देखा जा सकता है कि चरमपंथियों को बताया गया है कि अल्पसंख्यकों को मारना उनका फर्ज है। ऐसा पाकिस्तान में लंबे समय से हो रहा है।

जमात सोशल मीडिया पर एक्टिव

बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी पूरी तरह से एक्टिव है। उन्होंने अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाली हिंसा पर कड़ी नजर बनाई हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया को एक हथियार बनाया हुआ है।

जब भी अल्पसंख्यक समुदाय के किसी व्यक्ति को मारा जाता है, तो वे ईशनिंदा का एंगल लाने की कोशिश करते हैं और सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को हवा देने का काम करते हैं। जनता को उकसाते हैं, झूठे आरोप लगाते हैं। इसके बाद भीड़ इकट्ठा होती है और फिर हिंसा करना शुरू कर देती है। इस पर सुरक्षा एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि यह सुनियोजित हिंसा है और यह जल्द ही रुकने वाली नहीं है।

बता दें कि बांग्लादेश में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। इस पर सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि यह हिंसा चुनावों में रुकावट डालने और चुनाव टालने की योजना के तहत की जा रही है।