राष्ट्रीय

FCRA संशोधन बिल 2026 पर बनी 31 सदस्यीय JPC, भाजपा सांसद संजय जायसवाल बने अध्यक्ष, जानिए पैनल में कौन-कौन शामिल?

FCRA संशोधन बिल 2026 की जांच के लिए 31 सदस्यीय JPC बनाई गई है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जानिए पैनल में कौन-कौन शामिल है।
2 min read
Sep 03, 2026
FCRA Amendment Bill 2026, FCRA Bill 2026, FCRA JPC, FCRA Joint Parliamentary Committee, Sanjay Jaiswal, Sanjay Jaiswal JPC, FCRA Bill JPC, Foreign Contribution Regulation Act,
भाजपा सांसद संजय जायसवाल (फाइल फोटो - एएनआई)

FCRA Bill 2026 JPC Sanjay Jaiswal: विदेशी चंदे से जुड़े कानून में प्रस्तावित बदलावों की जांच के लिए संसद की संयुक्त समिति यानी जेपीसी का गठन कर दिया गया है। विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की जांच के लिए बनी इस समिति में कुल 31 सांसद शामिल हैं। बिहार के बेतिया से भाजपा सांसद संजय जायसवाल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। लोकसभा सचिवालय की ओर से गुरुवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक, समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य हैं। समिति का गठन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया है। इसे विधेयक के प्रावधानों की जांच करने और जरूरी बदलावों पर विचार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

जेपीसी में किस पार्टी के कितने सांसद?

31 सदस्यीय समिति में भाजपा के 14 सांसद हैं। कांग्रेस के पांच सांसद शामिल हैं। जनता दल यूनाइटेड, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के दो-दो सदस्य हैं। समाजवादी पार्टी, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी का एक-एक सांसद समिति में है।

लोकसभा से ये सांसद शामिल

लोकसभा के सदस्यों में अध्यक्ष संजय जायसवाल के अलावा भाजपा के भर्तृहरि महताब, तेजस्वी सूर्या, कमलेश जांगड़े, मुकेशकुमार चंद्रकांत दलाल, निशिकांत दुबे, विष्णु दयाल राम, अनंत नायक और अरविंद धर्मापुरी शामिल हैं।

कांग्रेस की ओर से एंटो एंटनी, कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस, मुहम्मद हमदुल्लाह सईद और काली चरण मुंडा समिति में हैं। समाजवादी पार्टी के जिया उर रहमान, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, डीएमके के ए राजा, तेलुगु देशम पार्टी के लावू श्रीकृष्ण देवरायालु, शिवसेना के नरेश गणपत म्हास्के, जेडीयू के कौशलेंद्र कुमार, एनसीपी-शरदचंद्र पवार की सुप्रिया सुले और आईयूएमएल के ईटी मोहम्मद बशीर भी समिति का हिस्सा हैं।

राज्यसभा से 10 सदस्य

राज्यसभा से भाजपा के सी सदानंदन मास्टर, हर्षवर्धन श्रृंगला, उज्ज्वल देवराव निकम, अलका गुर्जर और सत पाल शर्मा समिति में हैं। एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल, जेडीयू के संजय कुमार झा, कांग्रेस के क्रिस्टोफर मैनिकम, टीएमसी की मेनका गुरुस्वामी और डीएमके के पी विल्सन भी समिति के सदस्य हैं।

12 अगस्त को जेपीसी को भेजा गया था बिल

FCRA संशोधन विधेयक को 12 अगस्त को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा गया था। विपक्षी दलों ने विधेयक के कई प्रावधानों पर आपत्ति जताई थी। विपक्ष का आरोप है कि प्रस्तावित बदलावों का असर अल्पसंख्यकों और गैर-सरकारी संगठनों पर पड़ सकता है।

विपक्ष ने विधेयक वापस लेने की मांग भी की थी। खास तौर पर ईसाई संस्थानों और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों को मिलने वाले विदेशी चंदे को लेकर चिंता जताई गई थी। हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि विधेयक किसी धर्म या समुदाय को निशाना नहीं बनाता। इसका उद्देश्य विदेशी चंदे से जुड़े नियमों और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है।

क्या बदलाव करना चाहती है सरकार?

FCRA संशोधन विधेयक 2026 लोकसभा में 25 मार्च को पेश किया गया था। इसमें भारत में विदेशी चंदा पाने वाले संगठनों पर सरकारी निगरानी बढ़ाने का प्रस्ताव है। विधेयक में एक विशेष प्राधिकरण बनाने का भी प्रस्ताव है। यह प्राधिकरण उन मामलों में संपत्तियों के प्रबंधन और निपटारे का काम करेगा, जब किसी संगठन का विदेशी चंदा लेने का लाइसेंस रद्द हो जाता है। अब 31 सदस्यीय जेपीसी विधेयक के सभी प्रावधानों की जांच करेगी। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करेगी।

Updated on:
03 Sept 2026 09:46 pm
Published on:
03 Sept 2026 09:46 pm
Also Read
View All
Nepal Flood 2006: नेपाल में भारत के राजदूत बोले- अगर नेपाल पुनर्निर्माण के लिए मदद मांगता है, तो भारत सकारात्मक प्रतिक्रिया देगा

जेल से बाहर आते ही सत्येंद्र जैन का बड़ा बयान, बोले- ‘यह कथित घोटाला था, सत्ताधारी पार्टी ने केस को तूल देने के लिए रची साजिश’

El Nino: अल नीनो ने पकड़ी रफ्तार, 2027 की शुरुआत तक भीषण गर्मी-बाढ़ और सूखे का बढ़ा खतरा

पीएम मोदी और बेल्जियम के पीएम बार्ट डी वेवर की अहम बैठक, UNSC में भारत की दावेदारी को मिला समर्थन, व्यापार दोगुना करने पर जोर

ड्यूटी पर तैनात महिला PSI को थप्पड़ मारने के मामले में BJP विधायक की बेटी को झटका, कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की