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उज्बेकिस्तान में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे राघव चड्ढा, IPU युवा सांसद सम्मेलन के लिए उपराष्ट्रपति ने किया नामित

Raghav Chadha: राघव चड्ढा 4 से 6 सितंबर तक समरकंद में होने वाले IPU युवा सांसद सम्मेलन में भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करेंगे। सम्मेलन में युवा अधिकारों और मानवाधिकारों पर चर्चा होगी।
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भारत

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Rahul Yadav

Sep 03, 2026

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राघव चड्ढा (फाइल फोटो-IANS)

Raghav Chadha IPU Conference: भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा उज्बेकिस्तान के समरकंद में होने वाले अंतर-संसदीय संघ (IPU) के वैश्विक युवा सांसद सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्हें भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए उपराष्ट्रपति ने नामित किया है। सम्मेलन 4 से 6 सितंबर तक आयोजित होगा। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना जाना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के लिए नामित किए जाने पर उपराष्ट्रपति का आभार भी जताया है।

मानवाधिकार और युवाओं के मुद्दों पर चर्चा

यह 12वां आईपीयू वैश्विक युवा सांसद सम्मेलन है। इस बार इसकी थीम ‘अशांत समय में सभी के लिए मानवाधिकार, न्याय और सम्मान की बहाली’ रखी गई है। सम्मेलन में अलग-अलग देशों के युवा सांसद हिस्सा लेंगे। बैठक में संघर्ष के दौरान युवाओं के अधिकारों और डिजिटल अधिकारों पर चर्चा होगी। ऑनलाइन सुरक्षा, जलवायु न्याय और युवाओं के लिए आर्थिक अवसर भी एजेंडे में शामिल हैं। युवा सांसद इन मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। साथ ही, इन चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीतियों पर भी चर्चा होगी।

आईपीयू के मुताबिक, सम्मेलन में युवा सांसदों की भूमिका को मजबूत करने और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। सम्मेलन के दौरान अलग-अलग देशों के सांसदों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश होगी।

40 साल से कम उम्र के सांसद होंगे शामिल

आईपीयू ने सदस्य संसदों को 40 वर्ष से कम उम्र के युवा सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए आमंत्रित किया है। सम्मेलन के आधिकारिक कामकाजी सत्र 4 और 5 सितंबर को होंगे। 6 सितंबर को मेजबान देश की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को आगे बढ़ाने का मौका

राघव चड्ढा ने अपने दौरे को भारत और उज्बेकिस्तान के संसदीय संबंधों के लिए भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया उज्बेकिस्तान यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में यह प्रतिनिधिमंडल अपनी भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संसद के पास युवाओं से जुड़े मुद्दों पर साझा करने के लिए अनुभव है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां बड़ी युवा आबादी है। ऐसे में सम्मेलन भारत के लिए अपने अनुभव साझा करने और दूसरे देशों से सीखने का भी अवसर देगा।

1889 में हुई थी आईपीयू की स्थापना

अंतर-संसदीय संघ की स्थापना 1889 में हुई थी और इसका मुख्यालय जिनेवा में है। यह राष्ट्रीय संसदों के बीच संवाद और सहयोग का वैश्विक मंच है। आईपीयू का युवा सांसद सम्मेलन खास तौर पर युवा सांसदों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित किया जाता है।

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