
एयर इंडिया की फ्लाइट। (photo- ANI)
Air India flight: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में हुई घटना की जांच विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है और जल्द ही प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की जाएगी। केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि कि जांच पूरी सख्ती के साथ की जा रही है, ताकि किसी भी नतीजे को सार्वजनिक करने से पहले सभी निष्कर्षों की तथ्यात्मक रूप से पुष्टि सुनिश्चित की जा सके। किंजरापु ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि AAIB द्वारा जांच जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट बहुत जल्द आने वाली है। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मंत्री नायडू ने आगे कहा कि जब भी उन्हें रिपोर्ट जारी करनी हो, उन्हें यह सुनिश्चित करना होता है कि जो भी निष्कर्ष हैं, उनकी पूरी तरह से जांच हो, क्योंकि यह कोई ऐसी रिपोर्ट नहीं है जिसे जल्दबाजी में तैयार किया जाए। यह तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट होनी चाहिए। इसलिए इसके सामने आने से पहले इसे पूरी तरह से सत्यापित किया जाना जरूरी है। मुझे AAIB पर पूरा भरोसा है, इसलिए मैं उनकी प्रारंभिक रिपोर्ट आने का इंतजार करूंगा।
सुरक्षा और पायलट मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल पर बात करते हुए मंत्री ने बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) साल भर सभी पायलटों की रैंडम जांच करने के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक प्रस्ताव यह था कि सभी पायलटों की साल भर किसी भी रैंडम समय पर जांच की जाए। इस प्रस्ताव पर फिलहाल DGCA द्वारा जरूरी स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा की जा रही है। एक बार गहन विचार-विमर्श पूरा हो जाने के बाद—एक तरफ सुरक्षा और दूसरी तरफ ऑपरेशन के बीच संतुलन बनाते हुए—यदि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कुछ भी जरूरी होगा, तो हम पूरी तरह से वे कदम उठाएंगे। अभी यह DGCA के विचार-विमर्श के अधीन है।
यह पूछे जाने पर कि क्या घटना से पहले मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOP) मौजूद थीं या घटना के बाद नए उपाय शुरू किए गए। इस पर नायडू ने स्पष्ट किया कि सख्त प्रवर्तन के लिए मॉनिटरिंग व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ 10 प्रतिशत तक जांच अनिवार्य थी। अब हम एयरलाइनों के साथ इस पर चर्चा कर रहे हैं कि इसे 100 प्रतिशत तक कैसे बढ़ाया जाए और साल भर रैंडम तरीके से जांच कैसे की जाए, ताकि यह तय किया जा सके कि इस सिस्टम को आगे कैसे बेहतर बनाया जाए। फ्लाइंग चेक फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार किए जा रहे हैं, जिनका हम पालन करते हैं। लेकिन हम यह देख रहे हैं कि और अधिक सख्त मॉनिटरिंग कैसे बनाए रखी जाए।
यह कदम एयर इंडिया की फ्लाइट A12379 में हुई घटना के बाद उठाया गया है, जो 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली जा रही थी और ओडिशा के ऊपर उड़ान भरते समय अचानक 300 फीट नीचे गिर गई थी, जिससे 20 यात्री और चार केबिन क्रू सदस्य घायल हो गए थे। VT-EXO रजिस्ट्रेशन नंबर वाला एयरबस A320 विमान इसके बाद स्थिर हो गया और दिल्ली में सुरक्षित उतर गया। इस विमान में तीन शिशुओं समेत 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें दो पायलट और छह केबिन क्रू शामिल थे।
इसके अलावा, एयरलाइनों के सामने आने वाली ऑपरेशनल और वित्तीय चुनौतियों पर बात करते हुए मंत्री ने बताया कि स्पाइसजेट समेत सभी एयरलाइनों के साथ नियमित रूप से हर महीने बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि हर महीने हम सभी एयरलाइनों के साथ उनकी किसी भी परेशानी, समस्या या चुनौती को लेकर बातचीत करते हैं। स्पाइसजेट के मामले में भी हम इसी तरह से मिलते रहे हैं। हमने उन पर अपने ऑपरेशन, खासकर वित्तीय पक्ष को बेहतर बनाने के लिए जोर दिया है। उन्होंने भी भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही ऐसा करेंगे।
Updated on:
03 Sept 2026 07:52 pm
Published on:
03 Sept 2026 07:52 pm
