3 सितंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जेट फाइटर तेजस Mk1A को मिली बड़ी ताकत, अमेरिका से आए 3 नए इंजन, 5375 करोड़ की है डील

Tejas Mk1A Fighter Jet: तेजस Mk1A के लिए अमेरिका से 3 और F404-IN20 इंजन भारत पहुंचे हैं। HAL को अब तक 10 इंजन मिल चुके हैं। 99 इंजनों की डील 5,375 करोड़ रुपये की है।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

Sep 03, 2026

Tejas Mk1A, Tejas Mk1A Fighter Jet, GE F404 Engine, F404-IN20 Engine, HAL Tejas Mk1A, HAL Tejas, Tejas Fighter Jet, GE Aerospace, Hindustan Aeronautics Limited,

तेजस Mk1A के लिए GE F404 इंजन. Source: SP's Aviation

Tejas Mk1A GE F404 Engines HAL: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A कार्यक्रम को बड़ी मजबूती मिली है। अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को तीन और एफ404-आईएन20 इंजन भेजे हैं। ये इंजन अगस्त 2026 में भारत पहुंचे। इसके साथ ही तेजस Mk1A कार्यक्रम के तहत एचएएल को अब तक मिले इंजनों की संख्या 10 हो गई है।

99 इंजनों की है डील

जीई एयरोस्पेस ने गुरुवार को तीन नए इंजनों की आपूर्ति की जानकारी दी। इससे पहले जुलाई में एचएएल को सातवां एफ404-आईएन20 इंजन मिला था। अब तीन और इंजन मिलने के बाद कुल संख्या 10 हो गई है। एचएएल और जीई एयरोस्पेस के बीच 2021 में 99 एफ404-आईएन20 इंजनों की आपूर्ति का समझौता हुआ था। इस सौदे की कीमत 5,375 करोड़ रुपये है। जीई ने इन सभी 99 इंजनों की आपूर्ति करने की प्रतिबद्धता जताई है।

तेजस के लिए क्यों अहम है यह इंजन?

एफ404-आईएन20 इंजन को खास तौर पर भारत के एक इंजन वाले तेजस लड़ाकू विमान के लिए तैयार किया गया है। जीई के मुताबिक, यह एफ404 परिवार का सबसे ज्यादा ताकत देने वाला संस्करण है। इस इंजन में ज्यादा हवा खींचने वाला पंखा, खास तरह के टरबाइन ब्लेड और कई विशेष हिस्से लगाए गए हैं। इंजन की क्षमता करीब 84 किलो न्यूटन तक है। तेजस के शुरुआती परीक्षणों में भी इसी इंजन का इस्तेमाल हुआ था। 2008 की पहली परीक्षण उड़ान के दौरान तेजस ने मैक 1.1 की रफ्तार हासिल की थी।

पांच साल बाद दोबारा शुरू हुआ उत्पादन

एफ404-आईएन20 इंजन की कहानी भी काफी अहम है। जीई ने 2016 तक तेजस के लिए 65 इंजन एचएएल को दिए थे। उस समय आगे कोई नया ऑर्डर नहीं होने के कारण इस इंजन का उत्पादन बंद कर दिया गया था। इसके बाद 2021 में एचएएल ने तेजस Mk1A के लिए 99 नए इंजनों का ऑर्डर दिया। इसके चलते जीई को करीब पांच साल से बंद पड़ी उत्पादन लाइन फिर शुरू करनी पड़ी। इसके साथ इंजन से जुड़ी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी दोबारा सक्रिय किया गया।

जीई और भारत के बीच लड़ाकू विमान इंजनों को लेकर सहयोग कई दशक पुराना है। कंपनी ने 1980 के दशक में भारत की वैमानिकी विकास एजेंसी के साथ काम शुरू किया था। 2004 में तेजस के लिए एफ404-आईएन20 इंजन का चयन किया गया था। अब नए इंजनों की लगातार आपूर्ति से तेजस Mk1A कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह भारत के लड़ाकू विमान निर्माण कार्यक्रम के लिए भी अहम घटनाक्रम है।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग