
बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा। फोटो- आईएएनएस
Calcutta High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक कार्टून वाला पोस्टर प्रदर्शित करने के मामले में बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा को फिलहाल राहत दी है। हालांकि अदालत ने पोस्टर को बेहद खराब और आपत्तिजनक बताते हुए अभिनेत्री के सार्वजनिक रूप से इसे दिखाने के तरीके पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि किसी सार्वजनिक हस्ती से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जाती। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि 24 दिसंबर तक श्रीलेखा मित्रा के खिलाफ कोई जबरन कार्रवाई न की जाए और उन्हें गिरफ्तार भी न किया जाए।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने की। अदालत ने अभिनेत्री को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही पुलिस को पूछताछ के लिए बुलाने से कम से कम 48 घंटे पहले नोटिस देने को कहा गया है। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने पोस्टर को ‘बेहद खराब’ बताते हुए कहा कि समाज में स्थापित व्यक्ति की ओर से इस तरह का पोस्टर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना सवाल खड़े करता है। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री फेसबुक या किसी अन्य माध्यम से सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि अभिनेत्री के आचरण ने उसकी अंतरात्मा को झकझोर दिया है और यह खराब रुचि को दर्शाता है।
अदालत ने बताया कि इस घटना को लेकर अलग-अलग जगहों पर कुल 16 एफआईआर दर्ज की गई हैं। इन सभी शिकायतों को एक साथ जोड़कर आनंदपुर पुलिस स्टेशन को मामले की समेकित जांच करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस को जांच की प्रगति रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करनी होगी। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर श्रीलेखा मित्रा जांच में सहयोग नहीं करती हैं तो उन्हें दी गई अंतरिम राहत वापस ली जा सकती है।
यह विवाद जुलाई में कोलकाता में आयोजित एक विरोध मार्च के दौरान शुरू हुआ था। यह मार्च कथित NEET-UG पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से निकाला गया था। प्रदर्शन के दौरान मध्य कोलकाता के कुछ हिस्सों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इसी प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा एक पोस्टर हाथ में लिए नजर आई थीं।
आरोप है कि पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक कार्टून बनाया गया था। इसके बाद भाजपा नेता केया घोष ने आनंदपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। बाद में बिधाननगर साइबर क्राइम थाने और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी इसी मामले को लेकर शिकायतें दर्ज हुईं। भाजपा ने अभिनेत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। अब हाईकोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी समेत जबरन कार्रवाई पर रोक लगाते हुए जांच जारी रखने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी, जब पुलिस को जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत के सामने रखनी होगी।
Updated on:
03 Sept 2026 07:47 pm
Published on:
03 Sept 2026 07:47 pm
