
Maharashtra Murder Case: महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के सांगोला में भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व तालुकाध्यक्ष प्रतापसिंह करचे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 27 अक्टूबर की रात हुई इस वारदात में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है। हालांकि मृतक की पत्नी ने हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए शिंदे गुट की शिवसेना के एक नेता, उनके भाई और जिला परिषद सदस्य के खिलाफ शिकायत दी है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
पुलिस के अनुसार प्रतापसिंह करचे 27 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे अपनी कार से सांगोला से गांव की ओर जा रहे थे। पिंपली गांव के पास नहर पर बने पुल के नजदीक उनके साथ मौजूद दो युवकों ने पीछे से उनके सिर में गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद सांगोला पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में बालाजी उर्फ हर्षवर्धन नामदेव और विक्की उर्फ विक्रांत शिवाजी को गिरफ्तार किया है। दोनों मृतक के गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी जब्त कर ली है।
मृतक की पत्नी अर्चना करचे ने सोलापुर के जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर आटपाडी क्षेत्र के एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के नेता तानाजी पाटिल, उनके भाई शिवाजी पाटिल और जिला परिषद सदस्य रोहन पाटिल पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। परिवार का आरोप है कि सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया। मृतक के भाई अजितसिंह करचे ने भी दावा किया है कि उनके पास एक रिकॉर्डिंग है, जिसमें संबंधित नेता धमकी देते सुनाई दे रहे हैं। अर्चना करचे ने कहा कि परिवार का कमाने वाला सदस्य चला गया है और उनके दो छोटे बच्चे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य में भाजपा की सरकार है, तब एक भाजपा नेता की हत्या हो रही है तो आम लोगों की सुरक्षा का क्या होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले में न्याय दिलाने की मांग की है।
पुलिस निरीक्षक राहुल देशपांडे के अनुसार हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और हथियार भी जब्त कर लिया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और आरोपियों को पिस्टल किसने उपलब्ध कराई थी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हत्या के पीछे का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।