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सबसे करीबी मंत्री ने सिद्धारमैया को दिया था धोखा, पद छोड़ने के बाद पूर्व कांग्रेसी CM का एक और बड़ा बयान

Siddaramaiah News: कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्दारमैया ने जमीर अहमद खान पर गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने करीबी सहयोगी जमीर ने दावणगेरे साउथ उपचुनाव में उन्हें धोखा दिया।

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Jun 11, 2026
CM Siddaramaiah
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया। (इमेज सोर्स: एक्स ANI)

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने पद छोड़ने के बाद एक और बड़ा दावा किया है। उन्होंने पूर्व मंत्री और अपने करीबी सहयोगी जमीर अहमद खान पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीर ने दावणगेरे साउथ उपचुनाव के दौरान उन्हें धोखा दिया था।

सिद्दारमैया ने यह बात तब कही जब जमीर के समर्थक बेंगलुरु में उनके घर पहुंचे और उनसे अपने नेता को कैबिनेट में जगह दिलाने की अपील की। ​​

कड़े लहजे में जवाब देते हुए सिद्दारमैया ने समर्थकों से पूछा कि क्या उन्हें पता है कि जमीर ने उनके करीबी सहयोगी होने के बावजूद दावणगेरे उपचुनाव में उनके खिलाफ काम किया था।

वायरल हुआ वीडियो

इस बातचीत का एक वीडियो गुरुवार को सामने आया और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब जमीर के समर्थक उन्हें कर्नाटक कैबिनेट में शामिल करने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

वीडियो में समर्थक जमीर के कामों को समझाने की कोशिश करते और सिद्दारमैया से उस काम को गलती मानकर नजरअंदाज करने की अपील करते दिख रहे हैं। हालांकि, सिद्दारमैया काफी नाराज दिख रहे हैं और वहां से चले जाते हैं।

नई सरकार में मंत्री बनने के लिए लॉबिंग

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस की नई सरकार में कैबिनेट पदों के लिए जबरदस्त लॉबिंग चल रही है। पूर्व स्पीकर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यूटी खादर को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जबकि कैबिनेट विस्तार के पहले चरण में जमीर को शामिल न किए जाने को चामराजपेट विधायक के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

मतभेदों की अटकलों के बावजूद सिद्धारमैया का सपोर्ट

पार्टी के भीतर मतभेदों की अटकलों के बावजूद, जमीर ने पहले कहा था कि सिद्दारमैया मुख्यमंत्री के तौर पर अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उनके इस बयान को पूर्व उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डीके शिवकुमार के साथ सत्ता-साझाकरण की व्यवस्था पर चल रही चर्चाओं के बीच काफी अहम माना जा रहा है।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

इस विवाद की जड़ें दावणगेरे साउथ उपचुनाव से जुड़ी हैं, जहां कांग्रेस ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय शामनूर शिवशंकरप्पा के पोते समर्थ मल्लिकार्जुन को उम्मीदवार बनाया था।

खबरों के मुताबिक, इस फैसले का मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों ने विरोध किया था और ज़मीर ने एक मुस्लिम नेता को उम्मीदवार बनाने की पुरज़ोर वकालत की थी।

समर्थ मल्लिकार्जुन के पिता और पूर्व मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन ने उस समय जमीर को सबके सामने फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था कि जमीर को दावणगेरे जिले के मामलों में दखल देने के बजाय अपने चुनाव क्षेत्र पर ध्यान देना चाहिए।

कब और बढ़ गया विवाद?

यह विवाद तब और बढ़ गया जब मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह से कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर 3 मिनट 51 सेकंड की एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई।

कर्नाटक की राजनीति से जुड़े होने का दावा करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स से शेयर की गई इस क्लिप के बारे में कहा गया कि इसका संबंध दावणगेरे साउथ उपचुनाव से है।

ऑडियो में क्या है?

इस कथित ऑडियो में जमीर अहमद खान और दावणगेरे के कांग्रेस नेता सिराज के बीच बातचीत सुनाई देती है। रिकॉर्डिंग में एक आवाज़ वोटिंग पैटर्न पर चर्चा करती है और समर्थकों को सलाह देती है कि वे कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में मुस्लिम वोटरों को एकजुट न करें।

ऑडियो में कांग्रेस उम्मीदवार के बजाय एक निर्दलीय उम्मीदवार और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) का समर्थन करने की बात भी कही गई है।

जमीर ने क्या कहा?

हालांकि, जमीर अहमद खान ने इस रिकॉर्डिंग को मनगढ़ंत बताया और इसे एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा करार दिया। इस हफ्ते की शुरुआत में विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दावा किया कि ऑडियो क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके बनाई गई थी और उनकी छवि खराब करने के लिए फैलाई गई थी।

क्या है विधायक की मांग?

वहीं, एसएस मल्लिकार्जुन और उनके बेटे, दावणगेरे साउथ के विधायक समर्थ मल्लिकार्जुन का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान जमीर की पार्टी-विरोधी गतिविधियां किसी से छिपी नहीं थीं। उन्होंने मांग की है कि ऑडियो क्लिप की असलियत का पता लगाने के लिए उसकी फोरेंसिक जांच कराई जाए।

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