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अब ‘पलक झपकते’ ही चार्ज होंगे गैजेट्स और वाहन, आ गइ पहली क्वांटम बैटरी

Quantum Battery: विज्ञान की दुनिया में यह अब केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बनने की ओर एक बड़ा कदम है। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने दुनिया की पहली 'प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट क्वांटम बैटरी' का सफल परीक्षण कर ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में क्रांतिकारी दस्तक दी है।

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May 05, 2026
कॉमनवेल्थ इंस्टीट्यूट और आस्ट्रेलिया के संस्थानों की उपलब्धि (सोर्स: AI जनरेटेड इमेज)

Instant Charging Technology Quantum Battery: कल्पना कीजिए कि आपका स्मार्टफोन या इलेक्ट्रिक कार कुछ घंटों के बजाय महज कुछ सेकंड में फुल चार्ज हो जाए। विज्ञान की दुनिया में यह अब केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बनने की ओर एक बड़ा कदम है। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने दुनिया की पहली 'प्रूफ-ऑफ-कांसेप्ट क्वांटम बैटरी' का सफल परीक्षण कर ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में क्रांतिकारी दस्तक दी है। इसके निर्माण में मुख्य रूप से कॉमनवेल्थ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, कैनबरा; मेलबर्न यूनिवर्सिटी और रॉयल मेलबोर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी के वैज्ञानिकों का योगदान है। लेकिन, अभी चुनौतियां बाकी हैं। सबसे बड़ी चुनौती, ऊर्जा भंडारण के समय को बढ़ाना है। इस तकनीक को व्यावसायिक रूप से बाजार में आने में अभी समय लगेगा, लेकिन यह शोध साबित करता है कि भविष्य में चार्जिंग के लिए इंतजार बीते जमाने की बात हो जाएगी।

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क्या है यह तकनीक?

पारंपरिक बैटरियों की तरह ही, क्वांटम बैटरियां भी ऊर्जा को चार्ज, स्टोर (संग्रहित) और डिस्चार्ज करती हैं। लेकिन जहां रोजमर्रा की बैटरियां रासायनिक प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करती हैं, वहीं क्वांटम बैटरियां क्वांटम मैकेनिक्स (क्वांटम भौतिकी) के गुणों का लाभ उठाती हैं।

क्वांटम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह सिस्टम प्रकाश को एक ही विशाल 'सुपर एब्जॉर्प्शन' (अति-अवशोषण) घटना के माध्यम से सोख लेता है और इससे बैटरी कहीं अधिक तेजी से चार्ज होती है। शोध दल के प्रमुख एसोसिएट प्रोफेसर जेम्स हचिंसन के अनुसार, इस बैटरी की सबसे बड़ी खूबी इसका 'सुपर एब्जॉर्प्शन' गुण है। यह सिस्टम प्रकाश को एक ही विशाल घटना में अवशोषित करता है, जिससे चार्जिंग की गति अविश्वसनीय रूप से तेज हो जाती है।

जितनी बड़ी बैटरी, उतनी तेजी से होगी चार्ज

इस शोध में एक ऐसा तथ्य सामने आया है जो सामान्य तर्क के विपरीत है। शोध का नेतृत्व करने वाले डॉ. जेम्स क्वाच ने बताया कि क्वांटम बैटरियों की एक अनोखी विशेषता यह है कि ये जितनी बड़ी होती हैं, उतनी ही तेजी से चार्ज होती हैं। 'नेचर लाइट: साइंस एंड एप्लिकेशंस' में प्रकाशित यह शोध पुष्टि करता है कि कमरे के तापमान पर भी यह तकनीक प्रभावी ढंग से काम कर सकती है, जो भविष्य के ऊर्जा समाधानों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करती है।

कैसे हुआ परीक्षण?

मेलबर्न यूनिवर्सिटी की अल्ट्राफास्ट लेजर लेबोरेटरी में इस प्रोटोटाइप का परीक्षण किया गया। शोधकर्ताओं ने उन्नत स्पेक्ट्रोस्कोपी विधियों का उपयोग करके बैटरी के तेजी से चार्ज होने के व्यवहार की पुष्टि की। प्रयोग के दौरान ड्यूल फेम्टोसेकंड लेजर एम्पलीफायर्स का उपयोग किया गया, जिससे समय के सूक्ष्म स्तर पर भी संकेतों को रिकॉर्ड करना संभव हो सका

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Published on:
05 May 2026 02:38 am
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