
लोजपा (रामविलास) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (X)
Chirag Paswan: राजधानी दिल्ली में सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक अहम बैठक हुई। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और LJP (R) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने साफ किया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर और बांटने वाली या संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर चुनावी मैदान में उतरेगी।
चुनाव रणनीति और पार्टी की विचारधारा को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी ने हमेशा सबको साथ लेकर चलने का समावेशी नजरिया अपनाया है और राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने एक बार फिर इस सोच का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है, चाहे उसकी जाति या धर्म कुछ भी हो, तो पार्टी उनके समर्थन में आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि वे गलत काम का विरोध करेंगे और सही का साथ देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।
विपक्ष और ध्रुवीकरण की राजनीति के बारे में उन्होंने कहा कि पार्टी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चुनाव लड़ेगी और हिंदू-मुस्लिम, अमीर-गरीब या अगड़े-पिछड़े की राजनीति में नहीं उलझेगी। पार्टी उत्तर प्रदेश और पंजाब में होने वाले आगामी चुनावों में पूरे जोश के साथ हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा कि चुनाव गठबंधन के तहत लड़ेंगे या अकेले, इसका स्वरूप क्या होगा यह आने वाले समय में तय होगा, लेकिन चुनाव लड़ना औपचारिक रूप से तय है।
चिराग पासवान ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मुख्य प्रस्तावों के बारे में बताते हुए कहा कि पार्टी ने दो प्रमुख दलित और बहुजन नेताओं के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मांग की है। उन्होंने बताया कि कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें पार्टी के संस्थापक और नेता राम विलास पासवान और शोषित व बहुजन समुदाय के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कांशी राम जी के लिए देश के सर्वोच्च सम्मान 'भारत रत्न' की मांग की गई।
चिराग पासवान ने महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए बने आयोगों की तर्ज पर दो अहम राष्ट्रीय आयोग बनाने की मांग की। पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय युवा आयोग का गठन उतना ही जरूरी है जितना कि राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का काम करना। देश में युवाओं की बड़ी आबादी है और हर युवा को अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए एक ऐसी समर्पित नोडल एजेंसी की जरूरत है जहां युवा अपनी शिकायतें बता सकें और उनका समाधान पा सकें।
चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने सांसद के तौर पर लगातार यह मुद्दा उठाया है और सरकार का हिस्सा होने के नाते वे निश्चित रूप से इस मामले को सही संवैधानिक मंच पर ले जाएंगे। इसके अलावा, कार्यकारी समिति की बैठक में राष्ट्रीय किसान आयोग के गठन का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस आयोग का मकसद देश का पेट भरने वाले किसानों की अक्सर उठने वाली चिंताओं का समाधान करना है।
Updated on:
10 Aug 2026, 6:08 PM IST
Published on:
10 Aug 2026, 6:06 PM IST
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