
India e-Visa (File Photo)
India e-Visa: केंद्र सरकार ने विदेशी यात्रियों, पर्यटकों और बिजनेस प्रतिनिधियों के लिए भारत की यात्रा को आसान और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने ई-वीजा वाले विदेशी नागरिकों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए 11 नए इंटरनेशनल एंट्री पॉइंट्स (पोर्ट्स) की घोषणा की है। इस कदम से देश के पर्यटन और व्यापार क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय के अनुसार, जोड़े गए 11 इंटरनेशनल एंट्री पॉइंट्स में नौ लैंड पोर्ट और दो बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट शामिल हैं। इस लिस्ट में राजा भोज एयरपोर्ट (भोपाल, मध्य प्रदेश) और तिरुपति एयरपोर्ट (आंध्र प्रदेश) के शामिल होने से अब विदेशी यात्री सीधे इन इलाकों में आ सकेंगे। इसके अलावा, ई-वीज़ा होल्डर्स को अब पड़ोसी देशों की सीमाओं पर मौजूद प्रमुख लैंड पोर्ट, जैसे अगरतला, दरंगा, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डावकी, मोरेह और अटारी (सड़क मार्ग) से सीधे एंट्री की इजाजत होगी। इस विस्तार के साथ ही अब देश में ई-वीजा सुविधा देने वाले इंटरनेशनल एंट्री पॉइंट्स की कुल संख्या 88 हो गई है। इसमें 37 इंटरनेशनल एयरपोर्ट, 38 सीपोर्ट और 13 लैंड पोर्ट शामिल हैं।
सरकार ने न केवल वीजा नियमों में ढील दी है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय इमिग्रेशन चेक पोस्ट पर अत्याधुनिक डिजिटल और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया है। अधिकारियों का मानना है कि ई-वीजा प्रक्रिया के विस्तार से वैध विदेशी यात्रियों के लिए यात्रा आसान हो जाएगी, जबकि एडवांस्ड स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित होगा।
भारत के डिजिटल वीजा सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह तेजी और आसानी से काम करता है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत अभी लगभग 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों को 72 घंटे से भी कम समय में मंजूरी देकर जारी कर देता है। जब 2014 में ई-वीजा सिस्टम (इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन) शुरू किया गया था, तब यह सुविधा सिर्फ 43 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध थी। लेकिन अब दुनिया भर के 172 देशों के नागरिक इस डिजिटल सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
अभी, भारत से जारी होने वाले कुल वीजा में से लगभग 78 प्रतिशत ऑनलाइन ई-वीजा के तौर पर दिए जाते हैं। ई-वीजा सिस्टम को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए इसे 17 अलग-अलग सब-कैटेगरी में बांटा गया है। इनमें टूरिस्ट, पर्वतारोहण, बिजनेस (B1 से B6), मेडिकल (M1 से M4), स्टूडेंट (S1, S2), ट्रांज़िट, क्रूज़ यात्रियों के लिए ग्रुप विजिटर वीजा और अन्य कैटेगरी शामिल हैं।
Updated on:
10 Aug 2026 06:58 pm
Published on:
10 Aug 2026 06:54 pm
