
Jharkhand Student Protest: ‘कंटीले तार हमें नहीं रोक सकते’, भूख हड़ताल के बीच मार्च में पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो (फोटो सोर्स: ANI)
Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और गड़बड़ी के खिलाफ उम्मीदवारों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। राजधानी रांची में विधानसभा का घेराव करने के लिए निकाले गए मार्च के दौरान पुलिस प्रशासन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच झड़प हो गई। पानी की बौछारों, आंसू गैस के गोलों और पुलिस बल के इस्तेमाल के बीच छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने ऐलान किया कि सरकार के किसी भी मंत्री या सरकारी प्रतिनिधिमंडल से आगे कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि तीन दौर की बेनतीजा बातचीत के बाद आगे कोई भी बातचीत सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से होगी।
प्रदर्शन के दौरान देवेंद्रनाथ महतो ने कहा, "हम अपनी पहले की घोषणा के अनुसार यहां पहुंचे हैं। आज के असेंबली मार्च में उम्मीदवारों का दर्द और गुस्सा साफ दिख रहा है। आज, अपनी भूख हड़ताल के नौवें दिन, मैं इस प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए हॉस्पिटल से स्ट्रेचर पर आया हूं। फिर भी, सरकार हमारी आवाज दबाने के लिए आंसू गैस, वॉटर कैनन और लाठियों का इस्तेमाल कर रही है, जो बेहद निंदनीय है। सरकार डर गई है, कायर सरकार जब-जब डरती है, पुलिस को आगे करती है। लेकिन हम भी देखेंगे कि सरकार के टियर गैस और लाठियों में कितना दम है।"
सरकार से आगे की बातचीत की संभावना पर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि टाल-मटोल का समय अब खत्म हो गया है। सरकार को छात्रों की मांगें माननी होंगी, वरना गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। देवेंद्रनाथ महतो ने कहा, "सरकार से अब क्या बात करनी बाकी है? बातचीत के तीन दौर पहले ही हो चुके हैं, अब चर्चा के लिए कुछ नहीं बचा है। सरकार को हमारी मांगें पूरी करनी होंगी, वरना ये नाराज छात्र सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच जाएंगे। अगर छात्रों की मांगें नहीं मानी गईं, तो सत्ता की कुर्सी हिल सकती है। यह आक्रोश अब और नहीं दबाया जा सकता, यह एक विशाल जन-आंदोलन में बदल चुका है।"
पुलिस की बैरिकेडिंग पर देवेंद्र महतो ने कहा, "कौन रोकेगा? 'युवा' शब्द को पलट दीजिएगा तो 'वायु' बनता है, और वायु को कोई बैरिकेडिंग नहीं रोक सकती। कांटेदार तार की जाली लगा करके सरकार ने अराजकता को न्योता दिया है। छात्र तीन लेयर की बैरिकेडिंग के बावजूद आगे निकल रहे हैं। सरकार छात्रहित में फैसला ले, वरना इसी तरह छात्र उग्र होंगे।"
Updated on:
10 Aug 2026 04:35 pm
Published on:
10 Aug 2026 04:12 pm
