
Gaurav Gogoi: संसद में जारी गतिरोध के बीच बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहला बयान दिया था। इस पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सरकार और गृह मंत्री यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सदन में शिक्षा के मुद्दे पर, जंतर-मंतर पर या छात्र आंदोलन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि जब पेपर लीक के खिलाफ विधेयक पेश किया गया था, तब दो दिनों तक इस पर विस्तृत चर्चा हुई थी। राहुल गांधी ने उस दो दिवसीय चर्चा में हिस्सा लिया था, विपक्ष ने भी भाग लिया था और भाजपा के कई नेताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया था। फिर अमित शाह उन दो दिनों की चर्चा के दौरान अनुपस्थित क्यों थे?
गौरव गोगोई ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अपना बयान नहीं देना चाहते। वह बयान देने से बच रहे हैं। उनका बयान अभी लंबित है और वह इसी से बचने की कोशिश कर रहे हैं। बहाने बनाकर वह सदन से भागने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अमित शाह पर निशाना साधा। प्रियंका गांधी ने सवाल उठाया कि अगर गृह मंत्री चर्चा के लिए तैयार हैं, तो क्या उन्होंने यह बात संसद के भीतर आकर कही?
पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा- क्या वे सदन में आए थे? क्या उन्होंने सदन में आपसे यह बात कही?
अमित शाह के बयान पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब गृह मंत्री कोई बयान देते हैं, तो लोग उस पर स्पष्टीकरण मांगते हैं। यही स्थापित परंपरा और संसदीय प्रथा रही है। यह एक नई बात है कि वे तभी जवाब देंगे, जब उनसे सवाल पूछे जाएंगे। यह उचित नहीं है।
इससे पहले अमित शाह ने कहा था कि सरकार NEET से जुड़े छात्र प्रदर्शनों के हर पहलू पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर चर्चा का समय तय कराने की अपील की।
संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में शाह ने विपक्ष के उन आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें उन्हें संसद में मौजूद नहीं रहने को लेकर निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद से वह लगातार संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में बैठ रहे हैं। लेकिन विपक्ष द्वारा दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित किए जाने के कारण सदन में जाकर क्या किया जा सकता है?
शाह ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार NEET को लेकर छात्र प्रदर्शनों के हर पहलू पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा का समय तय किया जाए और विपक्ष इसके लिए तैयार हो।