
GD Bakshi Slams Modi Govt Over Indian Mariners Death: ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों की मौत के मुद्दे पर पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी ने केंद्र सरकार और अमेरिका दोनों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चार दिनों के भीतर तीन जहाजों पर हमले हुए और तीन भारतीयों की जान चली गई, लेकिन भारत की ओर से उतनी सख्त प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली जितनी होनी चाहिए थी।
जीडी बख्शी ने कहा, "इंडियन लाइव्स मैटर। तीन हमारे लोगों को मार दिया गया है। चार दिनों के अंदर तीन जहाजों पर हमला हुआ और तीन भारतीय परिवारों में मातम पसरा है। लेकिन बड़ी हैरानी की बात है कि यहां से चूं तक नहीं निकला।"
बख्शी ने कहा कि अमेरिका भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कर रहा है और रूस से सस्ता तेल खरीदने पर 500 प्रतिशत टैरिफ की धमकी भी दे चुका है। उन्होंने दावा किया कि भारत ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के लिए 100 इंजन का भुगतान कर दिया था, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी बहुत कम इंजन मिले हैं। बख्शी ने सवाल उठाते हुए कहा, "अभी तक कितने इंजन मिले थे? सिर्फ दो।" उन्होंने आगे कहा कि जब प्रधानमंत्री स्तर पर इस मुद्दे को उठाया गया और भारतीय वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता का हवाला दिया गया, तब अमेरिका ने पांच और इंजन उपलब्ध कराए।
गीडी बख्शी ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल कर जहाज के इंजन को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में पहले चेतावनी दी जाती है, बातचीत रिकॉर्ड की जाती है और जरूरत पड़ने पर जहाज को रोका या जब्त किया जाता है। उनका कहना था कि सीधे हमला करना गंभीर मामला है और इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
बख्शी ने कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए और भारत को मारे गए भारतीय नाविकों के लिए मुआवजे की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय नागरिक की जान बेहद कीमती है और तीन भारतीयों की मौत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बख्शी ने कहा कि कोई भी सरकार इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकती और न ही यह दिखावा कर सकती है कि सब कुछ सामान्य है।
उन्होंने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ वह भारत को अपना दोस्त बताता है, वहीं दूसरी तरफ भारतीयों की मौत जैसी घटनाएं गंभीर सवाल खड़े करती हैं।