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Sonam Wangchuk Hunger Strike Row: सोनम वांगचुक की ताकत बनीं गीतांजलि, जानिए उस महिला की कहानी जिसने चुना संघर्ष का रास्ता

Sonam Wangchuk Hunger Strike Row: सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो लगातार उनके साथ मजबूती से खड़ी नजर आईं। HIAL की को-फाउंडर और सीईओ गीतांजलि ने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर लद्दाख में शिक्षा और समाज सुधार का रास्ता चुना। जानिए उनकी जिंदगी, उपलब्धियों और संघर्ष की पूरी कहानी।
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Jul 19, 2026
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सोनम वांगचुक की पत्नी गीताजंलि के बारे में। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

Sonam Wangchuk Hunger Strike Row: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस आंदोलन के दौरान एक और नाम लगातार सुर्खियों में है- गीतांजलि जे. आंग्मो। जब स्वास्थ्य बिगड़ने पर पुलिस सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई, तब गीतांजलि हर कदम पर उनके साथ खड़ी नजर आईं। उन्होंने ना सिर्फ आंदोलन की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि साफ कहा कि 20 जुलाई को संसद मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। अगर सोनम वांगचुक उसमें शामिल नहीं हो पाए तो वह स्वयं उनकी जगह मार्च का नेतृत्व करेंगी।

जंतर-मंतर से अस्पताल तक हर कदम पर दिया साथ

सोनम वांगचुक को जब पुलिस जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले गई, तब गीतांजलि ने इस कार्रवाई पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा और वह स्वयं इसकी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं। इस दौरान वह लगातार वांगचुक के साथ मौजूद रहीं।

कौन हैं गीतांजलि जे. आंग्मो?

गीतांजलि जे. आंग्मो हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की को-फाउंडर और CEO हैं। उनका जन्म ओडिशा के बालासोर में हुआ था। एमबीई की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने करीब 15 सालों तक डेनमार्क में कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। बाद में उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर लद्दाख में शिक्षा, समाज सुधार और इनोवेशन के क्षेत्र में काम करने का फैसला किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात सोनम वांगचुक से हुई।

2017 में मिलकर की HIAL की स्थापना

गीतांजलि और सोनम वांगचुक ने साल 2017 में मिलकर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स (HIAL) की स्थापना की। इसके बाद से दोनों शिक्षा और सामाजिक बदलाव से जुड़े कार्यों में साथ काम कर रहे हैं। कराटे ब्लैक बेल्ट से लेकर अंतरराष्ट्रीय सम्मान तक गीतांजलि कई उपलब्धियों के लिए भी जानी जाती हैं। इसके अलावा

-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की चेवनिंग स्कॉलर रह चुकी हैं।

-उन्हें 'वीमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अवॉर्ड' से सम्मानित किया जा चुका है।

-वह कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं।

-इसके अलावा ओडिस और रूसी बैले डांस में भी प्रशिक्षित हैं।

20 दिनों में 9.5 किलोग्राम घटा सोनम वांगचुक का वजन

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल होकर सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। आंदोलन में उनकी भूमिका को लेकर कई लोगों ने उन्हें 'नायक' बताया, लेकिन वांगचुक ने लोगों से खुद अपना नायक बनने की अपील की।

डॉक्टरों के अनुसार, 20 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका करीब 9.5 किलोग्राम वजन कम हो गया। स्वास्थ्य बिगड़ने की आशंका के बीच दिल्ली पुलिस उन्हें शनिवार को सफदरजंग अस्पताल ले गई।

गीतांजलि बोलीं-अभी भी भूख हड़ताल जारी है

गीतांजलि ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि सोनम वांगचुक अभी भी भूख हड़ताल पर हैं और सिर्फ पानी और नमक ले रहे हैं। उन्होंने कहा, "सफदरजंग अस्पताल का कहना है कि उनके शरीर में पोटेशियम का स्तर बहुत कम हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता। हम इसकी जांच किसी तीसरे पक्ष से कराएंगे।" गीतांजलि ने यह भी कहा कि वे अस्पताल से छुट्टी की औपचारिकताएं पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि सोनम वांगचुक को या तो घर ले जाया जा सके या फिर किसी ऐसे अस्पताल में भर्ती कराया जा सके, जिस पर उन्हें भरोसा हो।

Updated on:
19 Jul 2026 12:00 pm
Published on:
19 Jul 2026 11:55 am