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CJP Parliament March: संसद मार्च से पहले केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी से किया संपर्क, CJP प्रवक्ता का बड़ा दावा

CJP Parliament March: संसद मार्च से पहले CJP ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने पहली बार संगठन से आधिकारिक संपर्क किया। दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, धारा 163 लागू है और सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए अपनी शर्तें रखी हैं।
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Centre reaches out CJP

केंद्र ने CJP से संपर्क किया (फोटो- एएनआई)

CJP Parliament March: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रस्तावित CJP के संसद मार्च को लेकर दिल्ली में माहौल गरम हो गया है। प्रदर्शन से पहले राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस ने मार्च की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस बीच CJP के प्रवक्ता ने दावा किया है कि पहली बार केंद्र सरकार ने संगठन से आधिकारिक रूप से संपर्क करने की कोशिश की है। इस दावे के बाद पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं

CJP के प्रवक्ता ने संसद मार्च से पहले दावा किया कि केंद्र सरकार ने पहली बार संगठन से आधिकारिक बातचीत की कोशिश की है। हालांकि, सरकार की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। CJP का कहना है कि यह कदम उनके आंदोलन को देखते हुए उठाया गया। संगठन लंबे समय से नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

प्रदर्शनकारियों से सिर्फ तीन नारे लगाने की अपील

संसद मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर, रायसीना रोड और संसद सर्कल समेत कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस ने मार्च की अनुमति नहीं दी है और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियां लागू कर दी हैं। इसके बावजूद सोमवार सुबह हल्की बारिश के बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंचे। वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और वंदे मातरम भी बजाया गया। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारियों से केवल तीन नारे लगाने की अपील की। इनमें भारत माता की जय, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और इंकलाब जिंदाबाद शामिल हैं।

सोनम वांगचुक ने रखीं अपनी शर्तें

संसद मार्च से पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जो 20 दिनों से अधिक समय से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, उन्होंने अस्पताल से एक हस्तलिखित नोट जारी किया है। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था की हाल की कमियों, जिनमें पेपर लीक जैसे मामले शामिल हैं, की जिम्मेदारी स्वीकार करती है तो वह अपना अनशन खत्म कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर CJP के नेताओं को संसद के बाहर सांसदों से मिलने की अनुमति मिले और इन मुद्दों को मानसून सत्र में उठाने का भरोसा दिया जाए, तब भी वह अनशन समाप्त करेंगे। वांगचुक ने यह भी दावा किया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से रखा गया है।