
गृह मंत्री अमित शाह(फोटो-ANI)
Vande Mataram: अब वंदे मातरम् गाने में बाधा डालना या उसका अपमान करना कानूनन जुर्म होगा। सरकार इसे राष्ट्रगान जितनी ही अहमियत देने की तैयारी में है। इसे लेकर संसद में गृह मंत्री अमित शाह बिल पेश करेंगे। मानसून सत्र के पहले दिन इस बिल को लेकर पक्ष विपक्ष के बीच जोरदार बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन बिल 2026 के जरिए वंदे मातरम् को वही कानूनी सुरक्षा दी जाएगी, जो अभी जन गण मन को मिली हुई है। दरअसल, मौजूदा कानून के तहत अगर कोई जानबूझकर राष्ट्रगान गाने में रोक लगाता है या उस दौरान हंगामा करता है तो उसे तीन साल तक की जेल हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय गीत को लेकर ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। पर अब यह नियम भी देश के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर भी लागू होगा।
मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण कानून 1971 में संशोधन करने जा रही है। यह पुराना कानून राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान को अपराध मानता है। अब तक वंदे मातरम् को इस कानून के दायरे में नहीं रखा गया था, हालांकि इसे देश का राष्ट्रीय गीत माना जाता रहा है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रगान के साथ साथ राष्ट्रगीत को भी वही कानूनी दर्जा मिलना चाहिए।
इससे कुछ दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 9 जुलाई को सभी राज्यों को निर्देश दिया था कि सरकारी कार्यक्रमों में जब भी वंदे मातरम् और जन गण मन दोनों गाए जाएं, तो वंदे मातरम् को जन गण मन से पहले गाया जाए। इस आदेश का सख्ती से पालन कराने की बात भी कही गई थी। अब यह बिल उस आदेश को और मजबूत कानूनी आधार देने वाला है।
यह बिल सोमवार को राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल है। अगर यह दोनों सदनों से पास हो जाता है और राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाती है, तो वंदे मातरम् का अपमान करना या उसमें बाधा डालना भारत में कानूनन अपराध बन जाएगा। इस पर संसद में विपक्ष का रुख क्या रहेगा, यह देखना दिलचस्प होगा, क्योंकि राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़े मुद्दों पर अक्सर सियासत गरमा जाती है।
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री व खड़गपुर सीट से विधायक दिलीप घोष ने वंदे मातरम बिल पर कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि राष्ट्रगान गाने के लिए बिल लाना पड़ रहा है। इतने सालों तक यहां राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का अपमान करना एक फैशन बन गया था। यहां सभी को समझ आना चाहिए कि राष्ट्रगान का अपमान करने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। उसका सम्मान सर्वोपरि है। जो नहीं समझेगा उसे समझाने के लिए कानून बनाया जा रहा है।
Updated on:
20 Jul 2026 10:32 am
Published on:
20 Jul 2026 09:01 am
