
एकनाथ शिंदे पर संजय राउत का बड़ा हमला, फोटो - IANS
Sanjay Raut Amit Shah Delhi meeting: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर जुबानी तीर तेज हो गए हैं। दरअसल, शिवसेना (UBT) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर बेहद गंभीर और तीखा हमला बोला है। राउत ने आरोप लगाया कि शिंदे 'चोरी की संपत्ति लेकर दिल्ली की सड़कों पर घूम रहे हैं।' संजय राउत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एकनाथ शिंदे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे हुए हैं।
बता दें कि मुंबई में मीडिया से मुखातिब होते हुए संजय राउत ने देश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को 'चोरी का बंडल' करार देते हुए कहा कि 'क्या इस देश में अभी भी कानून का शासन बचा है? एकनाथ शिंदे दिल्ली की सड़कों पर जिसे मैं 'चोरी की संपत्ति' कहता हूं, उसे लेकर घूम रहे हैं, फिर भी कानून उन्हें नहीं रोकता। वह मुंबई से इस 'चोरी के बंडल' को देश के गृह मंत्री के पास ले गए हैं और कह रहे हैं, 'यह मेरी चोरी की संपत्ति है, कृपया इसे अपनी मंजूरी दे दीजिए।' अगर देश के गृह मंत्री ऐसे कृत्यों का समर्थन करते हैं, तो मुझे कानून के राज को लेकर गहरी चिंता है।'
दरअसल, संजय राउत का यह गुस्सा 6 जुलाई को शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसदों (संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर) के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद फूटा है। इस दलबदल के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे के पास अब सिर्फ 3 सांसद बचे हैं, जो 2022 की बगावत के बाद उनके लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका है।
भाजपा द्वारा उद्धव ठाकरे से 'राम रक्षा' स्रोत का पाठ करने की मांग पर पलटवार करते हुए संजय राउत ने कहा कि उद्धव ठाकरे नागपुर के रामनगर मंदिर में कोई जनसभा नहीं करेंगे, बल्कि पास की सड़क पर 'राम रक्षा' का पाठ करेंगे क्योंकि 'हम सड़क के लोग हैं।' इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को अयोध्या राम मंदिर के चंदे में हुई कथित गड़बड़ी पर घेरते हुए कहा कि नहीं, वह पाठ नहीं करेंगे। पहले आप बताइए, क्या आपको राम रक्षा आती है? यह पूछने के बजाय राम मंदिर के दानपात्र से 5,500 करोड़ रुपए की कथित चोरी पर बात कीजिए। जब भी हम यह मुद्दा उठाते हैं, वे पूछते हैं कि क्या हमें प्रार्थना आती है। इन लोगों ने भगवान राम को सड़कों पर ला खड़ा किया है।'
शरद पवार गुट और शिवसेना द्वारा परिसीमन विधेयक का समर्थन करने की खबरों को राउत ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे भाजपा और शिंदे कैंप की सोची-समझी साजिश बताया। राउत ने कहा कि 'मैंने अभी सुप्रिया सुले से बात की है। वह भी इन खबरों से हैरान हैं। महाविकास अघाड़ी (MVA) के टूटने या सांसदों-विधायकों की खरीद-फरोख्त की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। राकांपा (SP) नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री से मुलाकात केवल उनके निर्वाचन क्षेत्र में एक पार्षद को अवैध रूप से अयोग्य ठहराए जाने के संबंध में थी, न कि किसी राजनीतिक दलबदल के लिए।'
NEET पेपर लीक मामले को लेकर अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का जिक्र करते हुए संजय राउत ने उनके बिगड़ते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा है और केंद्र सरकार को इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
Updated on:
15 Jul 2026 01:14 pm
Published on:
15 Jul 2026 01:09 pm
