19 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘मेरा सफदरजंग सरकारी अस्पताल से भरोसा उठ गया है’, अनशन कर रहे सोनम वांगचुक की पत्नी ने दिल्ली हाई कोर्ट से लगाई गुहार

Gitanjali Angmo statement on Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल पर गंभीर सवाल उठाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। उन्होंने इलाज, पोटैशियम स्तर और अस्पताल से ट्रांसफर की अनुमति नहीं मिलने को लेकर चिंता जताई है।
2 min read
Google source verification
Sonam Wangchuk medical issue

सामाजिक कार्यकर्ता सोनव वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो। (File Photo- IANS)

Sonam Wangchuk Hunger Strike: नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्हें शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर से उठाकर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। वहीं, अब सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सफदरजंग सरकारी अस्पताल पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है और आज तत्काल सुनवाई की मांग की है।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो (@GitanjaliAngmo) ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'मेरा सफदरजंग सरकारी अस्पताल से भरोसा उठ गया है। अस्पताल ने हमें बताया कि @Wangchuk66 का पोटैशियम स्तर गिरकर 2.9 हो गया था, जिसे उन्होंने चिंताजनक और जानलेवा स्थिति बताया। लेकिन अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में उन्होंने सुविधानुसार इस वास्तविक संख्या का उल्लेख नहीं किया और केवल ‘पोटैशियम स्तर में गिरावट’ लिखकर छोड़ दिया।'

निजी अस्पताल में ट्रांसफर से इनकार

गीतांजलि आगे लिखा, 'एक स्वतंत्र प्रयोगशाला जांच में पोटैशियम स्तर 3.5 बताया गया, जो सामान्य सीमा के भीतर है। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद अस्पताल ने उन्हें डिस्चार्ज करने या हमारी पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।'

'यह अवैध हिरासत है'

अपने इसी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'हमारी मंजिल पर करीब 30 पुलिसकर्मी तैनात हैं और पूरे अस्पताल में 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौजूद हैं, जिससे हमारी आवाजाही गंभीर रूप से प्रतिबंधित है। यह चिकित्सा देखभाल नहीं है। यह अवैध हिरासत है। अगर सोनम को कुछ भी होता है, तो इसके लिए अस्पताल प्रशासन और सरकार को पूरी जिम्मेदारी उठानी होगी।'

दिल्ली हाई कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो इसी पोस्ट में आगे लिखा, 'इसी कारण मैंने हाई कोर्ट का रुख किया है और आज तत्काल सुनवाई की मांग की है। मैंने अदालत से प्रार्थना की है कि सोनम की हालत और बिगड़ने से पहले उन्हें अपनी पसंद के अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दी जाए। किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के इलाज के लिए यह लड़ाई व्यवस्था के खिलाफ नहीं लड़नी चाहिए कि उन्हें कहां चिकित्सा सुविधा मिलेगी।'