
बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में तहसील कार्यालय के सामने से एक सराफा कारोबारी के दिनदहाड़े अपहरण का मामला सामने आया है। कार में आए चार लोगों ने 28 वर्षीय अनिरुद्ध शिंगणे को जबरन अपने साथ ले लिया। घटना के बाद शहर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार और युवक का पता लगा लिया। जांच में पता चला कि युवक को ले जाने वाले लोग तेलंगाना पुलिस के जवान थे।
हालांकि उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी कोई जानकारी नहीं दी थी। इस खुलासे के बाद मामला और उलझ गया है। अनिरुद्ध शिंगणे देऊलगांव माही गांव के निवासी हैं और योगीराज ज्वेलर्स के मालिक हैं। उनका आभूषण के साथ निर्माण व्यवसाय भी है। जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच जब वह देऊलगांव राजा तहसील कार्यालय के सामने थे, तभी कार में सवार चार लोग वहां पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिजनों ने देऊलगांव राजा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। कार की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। कुछ ही घंटों में यह कार साखरखेर्डा पुलिस थाने की सीमा में आने वाले लव्हाला फाटा पर मिल गई। देऊलगांव राजा पुलिस ने कार को अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही अनिरुद्ध शिंगणे भी सुरक्षित मिल गए। जांच में सामने आया कि युवक को अपने साथ ले जाने वाले लोग तेलंगाना पुलिस के जवान थे।
उन्होंने अनिरुद्ध को किस मामले में हिरासत में लिया था और उन्हें कहां ले जाया जा रहा था, इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस या जिला पुलिस को नहीं दी थी। इस कारण दिनदहाड़े हुए इस घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जिला पुलिस अधीक्षक नीलेश तांबे ने बताया कि तेलंगाना पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना युवक को अपने साथ क्यों लिया, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल संबंधित पुलिसकर्मी और अनिरुद्ध शिंगणे पुलिस के पास हैं। पूरे मामले की जांच जारी है।