राष्ट्रीय

भरत तिवारी के परिवार के एक सदस्य को मिलेगी सरकारी नौकरी, बिहार सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान

Bharat Tiwari Encounter Case: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में बड़ा ऐलान हुआ है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा- न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
2 min read
Aug 13, 2026
Bharat Tiwari Encounter, Bharat Bhushan Tiwari, Bhojpur Encounter Case, Supreme Court News, CBI Probe, Bharat Tiwari News,
भरत भूषण तिवारी। (फोटो सोर्स - भरत भूषण तिवारी/फेसबुक)

भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई थी। इस मामले में आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने एक्स पर ट्वीट कर जानकारी दी है कि न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार परिवार को आर्थिक सहायता देगी। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।

घटना के बाद पूरे बिहार में आक्रोश

यह ऐलान भरत तिवारी के परिवार के लिए बड़ी राहत वाली खबर है जो एनकाउंटर के बाद से न्याय की मांग कर रहे थे। भरत भूषण तिवारी की मौत पुलिस मुठभेड़ में हुई थी। परिवार का कहना था कि उन्होंने हथियार फेंक दिया था और सरेंडर करना चाहते थे। इसके बावजूद गोली चलाई गई। इस घटना ने पूरे राज्य में गुस्सा पैदा किया था। गांव में महापंचायत हुई, नेता पहुंचे और सरकार पर दबाव बना।

जांच कैसे शुरू हुई?

भारी बवाल के बाद बिहार सरकार ने तुरंत कदम उठाए। कई पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया गया। एसडीपीओ और थाना अध्यक्ष समेत कुछ अधिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।

मुख्यमंत्री ने खुद कहा कि निष्पक्ष जांच होगी। पटना हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग बनाया गया। आयोग गांव पहुंचा, परिवार से मिला, घटनास्थल देखा और गवाहियां दर्ज कीं।

भरत तिवारी की मां ने क्या कहा?

दिवंगत भरत तिवारी की मां आशा देवी ने आयोग के सामने अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि बेटा निर्दोष था और समाज के लिए काम करना चाहता था। बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया।

अंतरिम रिपोर्ट पर फैसला

आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। उसी के आधार पर आज का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी और एक परिजन को सरकारी नौकरी मिलेगी। कितनी रकम मिलेगी या नौकरी किस पद पर होगी, इसकी डिटेल अभी नहीं बताई गई है। लेकिन परिवार के लिए यह एक ठोस कदम है।

इससे पहले मानवाधिकार आयोग ने भी अंतरिम मुआवजे की बात कही थी। परिवार ने कई बार कहा था कि वे किसी पार्टी से पैसा नहीं ले रहे। वे सिर्फ सच्चाई और दोषियों पर कार्रवाई चाहते हैं।

मामले की पूरी कहानी

भरत तिवारी करीब 28 साल के थे। वे स्थानीय मुद्दों पर सक्रिय रहते थे। बाढ़ से विस्थापित परिवारों के लिए आवाज उठाते थे। एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे हथियार दिखा रहे थे।

पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में आत्मरक्षा के दौरान उन पर गोली चली। परिवार का अलग बयान था। घटना के बाद राजनीति भी गरमाई। विपक्ष ने सवाल उठाए। सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं ने भी जांच की मांग की। सरकार ने जल्दी से न्यायिक जांच का रास्ता चुना।

अब इस मामले में अंतिम रिपोर्ट अभी बाकी है। उसमें पूरी सच्चाई सामने आएगी। दोषी पाए गए लोगों पर क्या कार्रवाई होती है, यह भी देखा जाएगा। फिलहाल परिवार को आर्थिक सहारा और नौकरी का भरोसा मिल गया है।

Updated on:
13 Aug 2026 03:49 pm
Published on:
13 Aug 2026 03:49 pm