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कृषि कानूनों के बाद सरकार ने मानी किसानों की एक और मांग, अब पराली जलाना नहीं होगा अपराध

कृषि कानूनों को रद्द करने के बाद केंद्र सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। अब सरकार ने पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है।
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Updated: 27 Nov 2021, 10:19 PM IST
government says now burning  stubble will not be considered a crime
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नई दिल्ली। किसानों के प्रति केंद्र सरकार का रवैया बीते कुछ दिनों से काफी नरम देखने को मिल रहा है। पहले सरकार ने कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान किया और अब सरकार ने किसानों की एक और बात मान ली है। दरअसल, अब सरकार ने पराली जलाने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस संबंध में जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि किसान संगठन बीते कई दिनों से किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने को अपराध मुक्त करने की मांग की थी, जिसे भारत सरकार ने स्वीकार कर लिया है। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान कर दिया है, जिसको लेकर किसान करीब साल भर से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं किसान
केंद्रीय कृषि मंत्री ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने वाला विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पेश किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपना आंदोलन समाप्त करने और घर लौटने का भी आग्रह किया। वहीं किसान अभी भी एमएसपी के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार हमें एमएसपी यानि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी भरोसा दे।

गौरतलब है कि किसान सालभर से दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं जब अचानक से सरकार ने तीनों कानूनों को रद्द करने का ऐलान किया तो सरकार की मनसा पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि सरकार ने अपना चुनावी हित देखते हुए यह फैसला लिया है। दरअसल, अगले साल पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में किसान आंदोलन पंजाब, यूपी और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचा सकता है।

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