
NEET Exam Fraud Case: नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब इस मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार चार राज्यों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी कर रही है। इन अदालतों में रोजाना सुनवाई होगी। दोषियों को जल्द सजा मिले और छात्रों को जल्दी इंसाफ मिल सके।
सरकार ने साफ कर दिया है कि नीट पेपर लीक के आरोपियों पर नए पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत कार्रवाई होगी। यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी रोकने के लिए बनाया गया है।
इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की जेल हो सकती है। साथ ही 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि सख्त सजा से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार चार राज्यों में विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। इन अदालतों में NEET पेपर लीक से जुड़े मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई होगी।
फिलहाल इस मामले से जुड़े करीब चार केस अलग-अलग हाई कोर्ट में लंबित हैं। अब कोशिश की जा रही है कि इन मामलों को तेजी से निपटाया जाए। इसके लिए संबंधित राज्यों और हाई कोर्ट से औपचारिक अनुरोध किया जाएगा।
इन विशेष अदालतों का अधिकार क्षेत्र बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से जुड़ा होगा। इनमें से दो मामले बॉम्बे हाई कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। रोजाना सुनवाई से फैसले जल्दी आने की उम्मीद है।
यह नया कानून केवल नीट तक सीमित नहीं रहेगा। NTA द्वारा आयोजित सभी प्रवेश और भर्ती परीक्षाएं इसके दायरे में आएंगी। इसके अलावा UPSC, SSC, RRB, IBPS और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं पर भी इसी कानून के तहत कार्रवाई होगी।
सूत्रों के मुताबिक, NEET पेपर लीक मामले में अब तक चार FIR दर्ज की जा चुकी हैं। सरकार चाहती है कि इन मामलों में जल्द फैसला आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ संदेश दिया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और दोषियों के खिलाफ तेज सुनवाई के साथ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।