राहुल गांधी ने अपना भाषण खत्म करते हुए कहा कि इस सरकार ने देश, किसानों, IT सेक्टर, एनर्जी सिक्योरिटी को बेच दिया है और US के सामने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया है।
Rahul Gandhi attacks PM Modi: लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने भारत के एनर्जी सिक्योरिटी हितों से 'समझौता' किया और देश को विदेशी ताकतों को बेच दिया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि अमेरिका और चीन की नजर भारत के डेटा पर है और सरकार देश का डेटा बेच रही है। राहुल का मानना है कि अमेरिका को डॉलर को बचाने के लिए भारत का डेटा चाहिए। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन हम खतरनाक युग में जी रहे हैं। राहुल ने इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और इज़रायल-हमास युद्ध का भी ज़िक्र किया।
लोकसभा में यूनियन बजट पर अपनी स्पीच के बाद, कांग्रेस MP राहुल गांधी ने कहा, 'मैंने कहा है कि मेरे पास जो डेटा है, मैं उसे ऑथेंटिकेट करूंगा। डिपार्टमेंट ऑफ़ जस्टिस की फाइलें एपस्टीन की फाइलों पर हैं, जिनमें हरदीप पुरी और अनिल अंबानी का नाम है। अडानी के खिलाफ चल रहे एक केस में समन जारी किए गए हैं। भारत सरकार ने पिछले 18 महीनों से कोई जवाब नहीं दिया है।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री पर सीधा दबाव है। खास बात यह है कि कोई भी PM नॉर्मल सिचुएशन में ऐसा नहीं करेगा। नॉर्मल सिचुएशन में, कोई भी PM डेटा, किसानों, एनर्जी सिक्योरिटी और डिफेंस के मामले में वह नहीं करेगा जो हुआ है। कोई ऐसा तभी करेगा जब उस पर एक खास पकड़ होगी।
इस पर सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध किया। संसदीय मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने उनके आरोपों पर आपत्ति जताई। रिजिजू ने ट्रेड डील को बकवास कदम बताने वाले राहुल के बयान पर एतराज जताया और मांग की कि हाउस की कार्यवाही से असंसदीय भाषा को हटाया जाए। चेयर ने भी राहुल गांधी के आपत्तिजनक ज़िक्र पर ध्यान दिया और उनसे ऐसा न करने को कहा।