गुरुग्राम में एक स्कूल संचालक ने अपनी दो साल की बेटी को गोद में लेकर इमारत की 23वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना में बाप-बेटी दोनों की मौकें पर ही मौत हो गई।
हरियाणा के गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स अपनी 2 साल की बेटी को गोद में लेकर इमारत की 23वीं मंजिल से छलांग लगा दी। इस घटना में पिता और बेटी दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह मामला सेक्टर 102 स्थित एक रिहायशी सोसाइटी का बताया जा रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और लोगों में गहरा सदमा फैल गया। पुलिस ने केस दर्ज कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान राहुल विजयरण (35) के रूप में हुई है, जो कि एक निजी स्कूल का संचालन करता था। विजयरण मूल रूप से दिल्ली के नांगलोई इलाके का रहने वाला था लेकिन पिछले दो महीनों से गुरुग्राम की इस सोसाइटी में रह रहा था। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे वह अपनी दो साल की बेटी वामिका को खेलने के बहाने घर से बाहर लेकर गया। इसके बाद वह टावर 5 की 23वीं मंजिल पर पहुंचा और वहां से कूद गया। दिलचस्प बात यह है कि वह टावर 9 में रहता था, लेकिन उसने छलांग किसी अन्य टावर से लगाई।
परिवार के अनुसार, विजयरण ने कोरोना संक्रमण के बाद अपनी एक आंख की रोशनी खो दी थी और दूसरी आंख से भी कम दिखाई देता था। इस वजह से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। उसके भाई अमित ने पुलिस को बताया कि इस परेशानी ने उसे अंदर से तोड़ दिया था। हालांकि, पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के पीछे के असली कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
घटना के बाद सोसाइटी में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सब इंस्पेक्टर जगमाल सिंह ने बताया कि परिवार ने किसी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आखिर राहुल ने अपने टावर के बजाय दूसरे टावर को क्यों चुना। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की जरूरत को उजागर किया है।