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नितिन नवीन का कांग्रेस पर तीखा वार, बोले- बंटवारे में अपना भविष्य सुरक्षित कर लाखों भारतीयों का भविष्य उजाड़ा

Nitin Nabin Partition Speech: गुरुग्राम में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 1947 के विभाजन की त्रासदी को याद किया। उन्होंने विस्थापन और अपनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा का उल्लेख किया।
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Aug 14, 2026
Nitin Nabin Partition speech
नितिन नवीन ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया (Photo-IANS)

Nitin Nabin Gurugram Event: गुरुग्राम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संबोधित करते हुए 1947 के विभाजन की त्रासदी को याद किया। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन लोगों को स्मरण करने का है, जिन्होंने विभाजन की भयावहता के दौरान अपना सब कुछ खो दिया और विस्थापन का दर्द झेला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि 1940 में लाहौर प्रस्ताव के दौरान जब टू-नेशन थ्योरी की चर्चा हुई, उसी समय लोगों को इस बात का अंदेशा होने लगा था कि देश की आजादी की कीमत विभाजन के रूप में चुकानी पड़ सकती है। 

लाखों लोगों को विभाजन की कीमत चुकानी पड़ी- नवीन

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सत्ता हासिल करने के सपने देखे और उन्हें सत्ता मिल गई, लेकिन आजादी का सपना देखने वाले लाखों लोगों को विभाजन की कीमत अपने प्रियजनों की जान और विस्थापन के रूप में चुकानी पड़ी।

‘विभाजन का दर्द लोगों के दिल में मौजूद’

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि विभाजन का दर्द आज भी लोगों के दिलों में मौजूद है। उन्होंने कहा कि सत्ता हस्तांतरण को जल्दबाजी में आगे बढ़ाने वालों ने अपने राजनीतिक भविष्य को देखते हुए ऐसा फैसला किया, जिसका खामियाजा लाखों भारतीयों को भुगतना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की चाह में करोड़ों लोगों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया।

नितिन नवीन ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन परिवारों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया और विस्थापन का असहनीय दर्द झेला। उन्होंने कहा कि उन परिवारों की पीड़ा और उस भयावह दौर को याद करना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां विभाजन की त्रासदी और उसके मानवीय परिणामों को समझ सकें।

कार्यक्रम में नाराज हुए राव इंद्रजीत सिंह

वहीं कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह नाराज हो गए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से पूछा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाले हलके के सांसद को नहीं बुलाते है तो क्या उनका ठीक था? उन्होंने कहा कि यदि यह पार्टी का कार्यक्रम नहीं होता तो उन्हें बुलाया भी नहीं जाता। उन्हें भाषण देने का मौका भी नहीं दिया जाता।

Updated on:
14 Aug 2026 04:49 pm
Published on:
14 Aug 2026 04:49 pm