HAJ Yatra: केंद्र सरकार ने हज-2027 के लिए नई नीति जारी कर दी है। अब ऐप और पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। नई पॉलिसी में AI आधारित रियल टाइम सहायता, सख्त स्वास्थ्य जांच, 135 यात्रियों पर एक निरीक्षक, वेटिंग लिस्ट आवेदकों को प्राथमिकता और यात्रियों की सुविधा-सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।

HAJ Yatra 2026 Registration: केंद्र सरकार ने हज-2027 के लिए नई नीति जारी कर दी है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को हज नीति-2027 का ऐलान किया। इसके साथ ही अगले साल हज यात्रा पर जाने के इच्छुक लोग मंगलवार से ऐप और पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से आवेदन प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा सरल, लचीली और सुलभ होगी। रिजिजू ने बताया कि हज कोटा वितरण का अनुपात फिलहाल 70:30 रहने की संभावना है। इसके तहत हज कमेटी ऑफ इंडिया को 1,22,518 सीटें और निजी हज समूह संचालकों को 52,507 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि केंद्र सरकार भारतीय यात्रियों के लिए हज कोटा बढ़ाने की कोशिश भी करेगी। नई नीति में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक यात्रा पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार ने हज यात्रियों के लिए पहले से उपलब्ध कई सुविधाओं को जारी रखने का फैसला किया है। इनमें मिना में सोफा-कम-बेड, मक्का और मदीना के बीच हाई-स्पीड ट्रेन यात्रा, होटल जैसी आवास व्यवस्था और 20 दिन का शॉर्ट हज पैकेज शामिल हैं। इससे यात्रियों को अधिक आरामदायक और व्यवस्थित यात्रा अनुभव देने की कोशिश की जाएगी।
नई हज नीति की सबसे अहम बात यह है कि हज यात्रा प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का व्यापक उपयोग किया जाएगा। दस्तावेजों के सत्यापन, उड़ानों की योजना बनाने, शिकायतों की निगरानी और यात्रियों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में एआई की मदद ली जाएगी। सरकार के मुताबिक एआई के जरिए यात्रियों को रियल टाइम सहायता मिलेगी। इसके साथ ही हिंदी, उर्दू और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 24 घंटे उपलब्ध रहने वाली एआई आधारित संवाद सेवा भी शुरू की जाएगी, ताकि यात्रियों को भाषा संबंधी परेशानी न हो और उन्हें हर समय जरूरी जानकारी मिल सके।
नई नीति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किए गए हैं। अब 150 यात्रियों पर एक निरीक्षक की जगह 135 यात्रियों पर एक निरीक्षक तैनात किया जाएगा, जिससे निगरानी और सहायता व्यवस्था बेहतर हो सके। इसके अलावा हज-2026 की प्रतीक्षा सूची में शामिल अंतिम 20% आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने स्वास्थ्य जांच व्यवस्था को और सख्त बनाया है। गंभीर, सख्त या दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रस्त लोगों को हज यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिम कम किए जा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने पात्र यात्रियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरी आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और यात्रियों के अनुकूल तरीके से संचालित की जाए। नई हज नीति-2027 का मकसद साफ है, यात्रियों को बेहतर सुविधा, आधुनिक तकनीक की मदद से तेज सेवाएं और सुरक्षित, सम्मानजनक तथा सुगम हज यात्रा उपलब्ध कराना।