High court Slam Punjab government: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब की भगवंत मान सरकार को सुरक्षा वापसी के मामले पर फटकार लगाई है। कोर्ट ने राज्य सरकार ने अगली सुनवाई तक बंद लिफ़ाफ़े में जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला पंजाब सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाला है। अब इस मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। इसके साथ ही पूछा है कि सरकार ने VVIP और अन्य को प्रदान की गई सुरक्षा को कम करने से जुड़े डॉक्युमेंट्स को क्यों लीक किया। अगली सुनवाई तक हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से सील बंद लिफ़ाफ़े में जवाब कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं । बता दें कि इससे पहले विपक्षी दलों ने भी पंजाब सरकार द्वारा सुरक्षा वापसी के बाद नाम सार्वजनिक करने पर घेरा था।
क्या कहा कोर्ट ने?
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सरकार से सवाल किया कि सुरक्षा हटाए जाने से जुड़े दस्तावेज आखिरकार कैसे लीक हो गए? हाई कोर्ट के जस्टिस राज मोहन ने इस मामले में कहा कि 'अगली सुनवाई 2 जून को होगी और तब इसकी जानकारी सील बंद लिफ़ाफ़े में कोर्ट में पेश करें।' इसके अलावा कोर्ट ने विभिन्न व्यक्तियों की सुरक्षा D केटेगरी में करने व व्यक्तिगत खतरे का आंकलन करने के लिए कइस तरह के डॉक्युमेंट्स हैं उसकी जानकारी भी कोर्ट को दें।
ओपी सोनी ने की थी याचिका दायर
दरअसल, इस मामले पर पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने याचिका दायर की थी। अपनी याचिका में उन्होंने पंजाब सरकार के 11 मई के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है जिसके तहत उनकी Z-सुरक्षा वापस ली गई थी। उन्होंने पंजाब सरकार पर बदले की भावना की राजनीति करने के आरोप लगाए हैं।
बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की हत्या से एक दिन पहले ही पंजाब की मान सरकार ने राज्य में 424 लोगों को दी गई सुरक्षा वापस ले ली थी। जिन लोगों की सुरक्षा वापस ली गई थी उनके नाम भी सार्वजनिक किये गए थे। इसपर विपक्षी दलों ने अपति भी जताई थी।
यह भी पढ़े- CM भगवंत मान ने कहा- हाईकोर्ट के जज करेंगे सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच, बनाया जाएगा न्यायिक आयोग