राष्ट्रीय

हिमाचल में कितना बचा है LPG और पेट्रोल-डीजल? CM बोले- ‘जंग के चलते हालात बिगड़ सकते हैं’

हिमाचल प्रदेश में मध्य पूर्व की जंग के असर से कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतें शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वीकार किया कि आने वाले दिन मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है।
2 min read
Mar 28, 2026
petrol-diesel excise duty
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फाइल फोटो- पत्रिका)

मध्य पूर्व की जंग का असर अब हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। यहां अब कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत की शिकायतें आने लगी हैं और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद माना है कि आने वाले दिन थोड़े मुश्किल हो सकते हैं।

हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के बारहवें दिन शनिवार को मीडिया से बात करते हुए सुक्खू ने कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है।

राज्य के पास 15 दिन का पेट्रोल और डीजल का बफर स्टॉक मौजूद है। घरेलू LPG का भी स्टॉक ठीक है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो कुछ इलाकों से दिक्कत की खबरें आ रही हैं।

कहां-कहां आ रही समस्या?

मुख्यमंत्री ने बताया कि होटल, ढाबे, रेस्तरां वाले समझ सकते हैं, यह मामला कितना जरूरी है। हिमाचल में पर्यटन उद्योग का बड़ा हिस्सा इन्हीं कमर्शियल सिलेंडरों पर टिका है। गर्मियों में सैलानियों की भीड़ बढ़ती है, ऐसे में अगर रसोई गैस ही न मिले तो मुश्किल खड़ी हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य सचिव को हर रोज हालात की समीक्षा करने के निर्देश दे दिए गए हैं। सुक्खू ने कहा- अभी कोई संकट नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात का असर आने वाले दिनों में दिख सकता है।

विपक्ष ने क्या कहा?

इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना में कथित गड़बड़ियों की जांच किसी बैठे हुए जज से कराने की मांग उठाई। मुख्यमंत्री ने इसे सीधे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जांच सरकारी एजेंसियां करती हैं, बैठे हुए जज नहीं।

BJP पर भी सुक्खू ने पलटवार किया। आरोप था कि विकास सिर्फ कुछ खास विधानसभा क्षेत्रों में हो रहा है, खासकर देहरा में। सुक्खू ने कहा कि यह बेबुनियाद आरोप है और BJP के पास कहने के लिए कुछ ठोस बचा नहीं है इसलिए ऐसी बातें की जा रही हैं।

केंद्र सरकार भी मामले पर गंभीर

बड़ी तस्वीर देखें तो दिल्ली में भी हलचल है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पश्चिम एशिया संकट पर बने अनौपचारिक मंत्री समूह की पहली बैठक की अध्यक्षता की। यानी केंद्र सरकार भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

फिलहाल हिमाचल में स्थिति काबू में है। लेकिन मध्य पूर्व में जंग जितनी लंबी खिंचेगी, तेल की सप्लाई पर दबाव उतना ही बढ़ेगा। पहाड़ के लोगों को अभी से सावधान रहने की जरूरत है, भले ही मुख्यमंत्री कह रहे हों कि घबराने की बात नहीं।

Updated on:
28 Mar 2026 08:03 pm
Published on:
28 Mar 2026 08:03 pm