
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाक पीएम शहबाज शरीफ। (फोटो- ANI)
पाकिस्तान ने अपने सबसे खास दोस्त 'चीन' को नाराज होने पर मजबूर कर दिया है। चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सुलह कराने की कोशिश की। लेकिन सफल नहीं हो पाया। इस संबंध में पाकिस्तान ने अपने सबसे करीबी साथी की बात तक नहीं मानी।
अंतरराष्ट्रीय पत्रिका 'द डिप्लोमैट' की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि चीन की मध्यस्थता की कोशिशें पूरी तरह ठंडे बस्ते में चली गई हैं। और सबसे बड़ा झटका चीन को पाकिस्तान की तरफ से लगा है।
पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक-दूसरे की सीमा के अंदर घुसकर हमले किए। मामला इतना बिगड़ा कि पाकिस्तान ने इसे सीधे 'खुली जंग' करार दे दिया।
कतर, सऊदी अरब और तुर्की ने बीच में पड़कर संघर्षविराम तो करवाया, लेकिन जड़ की समस्या जस की तस रही और हमले फिर शुरू हो गए। फरवरी में पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ 'ऑपरेशन गजब लिल-हक' छेड़ दिया।
तब चीन ने सीधे दखल देने की ठानी। बीजिंग ने दोनों देशों से कहा कि शांत रहो, बातचीत करो, खून-खराबा बंद करो। मार्च के पहले दो हफ्तों में चीन के अफगानिस्तान मामलों के विशेष दूत यू श्याओयोंग इस्लामाबाद और काबुल दोनों जगह दौरा करके आए। सात से चौदह मार्च के बीच पूरी कूटनीतिक कसरत हुई। लेकिन कोई भी नतीजा सामने नहींआया।
पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के हवाले से 'द डिप्लोमैट' ने लिखा कि इस्लामाबाद ने चीन की पहल को सिरे से नकार दिया। पाकिस्तान का एक ही रोना है कि अफगानिस्तान की जमीन पर बैठे आतंकी संगठन उसके लिए खतरा बने हुए हैं और तालिबान इस बात को मानता ही नहीं।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर पाकिस्तान इतना अकड़ा क्यों हुआ है? रिपोर्ट में दो संभावनाएं बताई गई हैं। पहली, पाकिस्तान सच में तब तक कोई समझौता नहीं चाहता जब तक अफगान जमीन से उसके खिलाफ चल रहे आतंकी नेटवर्क पूरी तरह खत्म न हो जाएं।
दूसरी और ज्यादा दिलचस्प संभावना यह है कि ट्रंप प्रशासन के साथ पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी ने उसे इतना हौसला दे दिया है कि वो अपने पुराने दोस्त चीन की बात को भी अनसुना कर सके।
यानी जो चीन कभी पाकिस्तान का 'हर मौसम का दोस्त' कहलाता है, उसकी भी आज इस्लामाबाद में नहीं चल रही। यह चीन के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है क्योंकि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों उसके पड़ोसी भी हैं, आर्थिक साझेदार भी और रणनीतिक हित भी दोनों से जुड़े हैं।
Published on:
28 Mar 2026 07:20 pm
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