BJP CM FIR campaign: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के बयानों को लेकर जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
Himanta Biswa Sarma Controversy: असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा लगातार मुस्लिम समुदाय को लेकर बयान दे रहे हैं। हाल ही में उन्होंने प्रदेश के मुसलमानों के लिए ‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल किया है, जिससे कांग्रेस के अल्पसंख्यक नेता आहत हो गए हैं। सीएम के खिलाफ अब कांग्रेस नेताओं ने देशव्यापी कानूनी मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए देशभर में बीजेपी सीएम के खिलाफ 100 से अधिक FIR दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
बता दें कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के बयानों को लेकर जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। संगठन ने सीएम के बयानों को हेट स्पीच बताया है। याचिका में संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय करने की मांग की गई है।
दरअसल, असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ अब तक यूपी और गुजरात में कुछ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। कांग्रेस अल्पसंख्यक नेताओं की इस मुहिम का मकसद है कि ऐसे ध्रुवीकरण वाले बयानों का असम में ही नहीं, पूरे देश में विरोध किया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने भी हिमंत सरमा द्वारा मुसलमानों को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद गोगोई ने सीएम पर सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का गलत हवाला देने और सांप्रदायिक नफरत फैलाने का आरोप लगाया है। इसके अलावा, उन्होंने एक वेबसाइट भी लॉन्च की है। इसमें सीएम के खिलाफ आरोप दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने SIR को लेकर कहा कि इसमें 4 से 5 लाख मियां वोटरों के नाम सूची से हट जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई मियां रिक्शा चालक 5 रुपये किराया मांगता है तो उसे आप 4 रुपये ही दिजिए
सरमा का कहना है कि ये कदम असम की पहचान, सुरक्षा और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए हैं, जबकि आलोचक इसे भेदभावपूर्ण और सामाजिक विभाजन बढ़ाने वाला बताते हैं। इन बयानों पर विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।