Sajid Rashidi statement: AIIA के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने कहा कि पूरी दुनिया के लिए खामेनेई अच्छे इंसान थे। खामेनेई ने जिस तरह शिया-सुन्नी के बीच की दीवार को खत्म किया और सारे मुसलमानों को एक प्लेटफॉर्म पर लाए, यह पूरी तरह से मिसाल थी।
Ali Khamenei death: ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत हो गई। खामेनेई की मौत को लेकर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के अध्यक्ष साजिद रशीदी ने कहा कि यह खबर भारत के ही नहीं पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए दुख की खबर है।
उन्होंने आगे कहा कि पूरी दुनिया के लिए खामेनेई अच्छे इंसान थे। खामेनेई ने जिस तरह शिया-सुन्नी के बीच की दीवार को खत्म किया और सारे मुसलमानों को एक प्लेटफॉर्म पर लाए, यह पूरी तरह से मिसाल थी।
रशीदी ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर को शहीद किया है उनका मर्डर किया है। मैं मांग करता हूं कि उनके खिलाफ वर्ल्ड कोर्ट में केस चलना चाहिए और इनको दोषी ठहराया जाना चाहिए।
AIIA के अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी देश में घुसकर उसके सुप्रीम लीडर को मार देना ये मामूली चीज नहीं है। अमेरिका की दादागिरी चल रही है। अमेरिका जिस मुल्क में जो चाहता है, वो कर देता है। इससे पहले वेनेजुएला के सदर को उठा लिया। उस पर पूरी दुनिया खामोश थी, किसी ने कुछ नहीं कहा। पूरी दुनिया को ये समझ लेना चाहिए कि अमेरिका जिसे चाहेगा, जैसा चाहेगा उसे वहां मार देगा।
इस दौरान उन्होंने मुस्लिम देशों के नेताओं के लिए कहा कि उनको शर्म आनी चाहिए, क्योंकि अमेरिका जब खामेनेई को शहीद कर सकता है तो वह आपको भी मार सकता है।
रशीदी ने कहा कि ये दो मुल्कों की जंग नहीं है, ये इस्लामियत, यहूदियत और ईसाईयत की जंग है। ये वो जंग है जो सदियों से इस्लाम और ईसाइयत के बीच चली आ रही है।
उन्होंने दुनिया के मुस्लिम लीडरों को लेकर कहा कि अगर तुमने इस जंग को नहीं समझा तो तुम भी मिटा दिए जाओगे और तुम्हारा नाम लेने वाला कोई नहीं बचेगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा दुष्ट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप है। जो भी ट्रंप के सामने आता है, उसे आंख दिखाता है, उसे कट्टरवादी और दुष्ट बताकर मार देता है। अमेरिका का इतिहास रहा है कि सद्दाम हुसैन से लेकर जितने भी मुसलमान लीडर मारे गए हैं, उनको कट्टरवादी और आतंकवादी बताकर मार दिया गया। पूरी दुनिया खामोश रही, इस्लामिक दुनिया भी खामोश रही।
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