डिगो की सभी फ्लाइट्स (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय) का किराया 2 अप्रैल की रात 12 बजे के बाद बढ़ जाएगा। फ्यूल सर्ज चार्ज बढ़ने के कारण अभी टिकट नहीं बुक करने वालों को महंगा पड़ेगा। अगर यात्रा प्लान है तो जल्दी बुकिंग करें।
अगर आपने इंडिगो फ्लाइट से कहीं जाने का प्लान बनाया है और अभी तक टिकट नहीं बुक की है तो यह खबर आपके काम की है। 2 अप्रैल की रात 12 बजे के बाद से इंडिगो की हर फ्लाइट का किराया बढ़ जाएगा। देश के अंदर की उड़ानें हों या विदेश जाना हो, हर जगह फ्यूल चार्ज बढ़ा दिया गया है।
इंडिगो का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर एविएशन फ्यूल यानी ATF की कीमतों पर पड़ा है।
IATA के आंकड़ों के मुताबिक एक महीने में ही जेट फ्यूल की कीमत 130 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि, केंद्र सरकार ने बीच में दखल दिया है और पेट्रोलियम मंत्रालय तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मिलकर फैसला किया कि घरेलू उड़ानों के लिए यह बढ़ोतरी एक साथ नहीं बल्कि धीरे धीरे दी जाएगी और फिलहाल सिर्फ 25 फीसदी का बोझ एयरलाइंस पर डाला जाएगा। इंडिगो ने सरकार के इस कदम की तारीफ भी की है।
2 अप्रैल से देश के अंदर की उड़ानों पर दूरी के हिसाब से फ्यूल चार्ज लगेगा। 500 किलोमीटर तक की दूरी पर 275 रुपये, 501 से 1000 किलोमीटर पर 400 रुपये, 1001 से 1500 किलोमीटर पर 600 रुपये, 1501 से 2000 किलोमीटर पर 800 रुपये और 2000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर 950 रुपये फ्यूल चार्ज देना होगा। यानी अगर आप दिल्ली से मुंबई जा रहे हैं जो करीब 1150 किलोमीटर है तो आपको 600 रुपये का अतिरिक्त फ्यूल चार्ज देना होगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर तो ATF की कीमत पिछले एक महीने में दोगुनी हो गई है इसलिए वहां बढ़ोतरी काफी ज्यादा है। भारतीय उपमहाद्वीप में 500 किलोमीटर तक 900 रुपये और 500 किलोमीटर से ज्यादा पर 2500 रुपये लगेंगे। खाड़ी देशों और मिडिल ईस्ट में 2000 किलोमीटर तक 3000 रुपये और उससे आगे 5000 रुपये।
साउथईस्ट एशिया और चीन के लिए 2000 किलोमीटर तक 3500 रुपये और आगे 5000 रुपये। अफ्रीका के लिए 5000 रुपये, ग्रीस और तुर्की के लिए 7500 रुपये और UK व यूरोप जाने वालों को 10000 रुपये का फ्यूल चार्ज अलग से देना होगा।
एयरलाइन का कहना है कि फ्यूल की जितनी कीमत बढ़ी है उसका पूरा बोझ यात्रियों पर डाला जाता तो किराया और भी ज्यादा बढ़ता। कंपनी ने कहा कि उसने यात्रियों की जेब का ख्याल रखते हुए अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी की है और हालात पर नजर रखी जाएगी।
वहीं, आम यात्री के लिए यह राहत की बात नहीं है क्योंकि पहले से ही हवाई किराए काफी ऊंचे हैं और ऊपर से यह अतिरिक्त फ्यूल चार्ज जेब पर और बोझ डालेगा।