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Toll Tax: कल से बदल जाएगा NHAI का नियम, 1 अप्रैल से टोल प्लाजा पर नहीं चलेगा कैश

कल 1 अप्रैल 2026 से NHAI के सभी टोल प्लाजा पर कैश भुगतान बंद हो जाएगा। अब टोल केवल FASTag या UPI से ही देना होगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा।

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भारत

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Mukul Kumar

Mar 31, 2026

National Highway Toll Plazas

नेशनल हाईवे टोल प्लाजा। (फोटो: पत्रिका)

अगर आपके पास गाड़ी और कल किसी भी टोल प्लाजा से गुजरना है तो यह खबर आपके काम की है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) का नियम 1 अप्रैल से बदल जाएगा।

कल से देश के सभी टोल प्लाजा पर कैश नहीं चलेगा। अब टोल देना हो तो सिर्फ FASTag या UPI, बस यही दो रास्ते उपलब्ध होंगे।

क्यों लिया गया यह फैसला?

NHAI का कहना है कि डिजिटल पेमेंट से टोल प्लाजा पर गाड़ियां तेजी से निकलेंगी। लंबी लाइनें कम होंगी। इससे तेल की बर्बादी और गाड़ियों का धुआं भी कम होगा।

साथ ही टोल वसूली में पारदर्शिता बढ़ेगी। अब तक कैश लेन में खड़े होकर पैसे देने में जो वक्त जाया होता था, वो बचेगा और हाईवे पर सफर पहले से बेहतर होगा।

FASTag नहीं है तो क्या होगा?

अगर आपके पास FASTag नहीं है या उसमें पैसे नहीं हैं तो टोल पर रुकना पड़ सकता है। जुर्माना भी लग सकता है। ऐसी स्थिति में टोल बूथ पर QR कोड से UPI पेमेंट का विकल्प होगा लेकिन अधिकारियों ने यह भी माना है कि नेटवर्क की दिक्कत से कभी-कभी UPI भी काम नहीं करता। यानी सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि FASTag सही हो और उसमें पर्याप्त बैलेंस हो।

गाड़ी लेकर निकलने से पहले यह जरूर चेक करें

  • अपना FASTag चालू है या नहीं यह देख लें।
  • उसमें बैलेंस कम है तो आज ही टॉपअप कर लें।
  • FASTag बैंक खाते से सही तरीके से जुड़ा हो यह भी पक्का करें।
  • और फोन में UPI ऐप काम कर रही है या नहीं यह भी एक बार जांच लें।
  • थोड़ी सी तैयारी आपको टोल पर होने वाली परेशानी से बचा सकती है।

तेजी से बढ़ रहा डिजिटल पेमेंट

भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहा है। UPI से लेकर डिजिटल बैंकिंग तक देश ने पिछले कुछ सालों में बड़ी छलांग लगाई है।

टोल पर कैश बंद करना उसी दिशा में एक और कदम है। लेकिन जो लोग अभी भी डिजिटल पेमेंट से पूरी तरह जुड़े नहीं हैं उनके लिए यह बदलाव थोड़ी मुश्किल जरूर खड़ी कर सकता है।

बता दें कि यह बदलाव भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ते कदम में एक अहम पड़ाव है, जिससे हाईवे यात्रा ज्यादा तेज, आसान और ज्यादा कुशल बनेगी।