1 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी ने की हाई लेवल मीटिंग, LPG-PNG की सप्लाई पर क्या हुई बात?

ईरान-इजरायल युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक में LPG और PNG की सप्लाई पर पूरा फोकस किया गया।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Vinay Shakya

Apr 01, 2026

Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(Photo-IANS)

Cabinet Committee on Security Meeting: ईरान और US-इजरायल के बीच 28 फरवरी से शुरू हुई जंग जारी है। इस युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाई लेवल मीटिंग की है। इस बैठक में LPG और PNG की सप्लाई पर विस्तार से चर्चा हुई।

ईरान-इजरायल जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पश्चिम एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात और उसके देश-दुनिया पर प्रभाव की समीक्षा की गई। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित अन्य कई कैबिनेट मंत्री शामिल हुए।

PNG और LPG की निर्बाध सप्लाई पर हुई चर्चा

CCS की बैठक में PNG और LPG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, उर्वरकों की उपलब्धता का आकलन करने और ऊर्जा सिक्योरिटी के मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में ऊर्जा सिक्योरिटी और सप्लाई चेन के संभावित प्रभाव पर विस्तार से चर्चा हुई। पिछली बार हुई CCS की बैठक में रखे गए विषयों की समीक्षा भी की गई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर तेल कीमतें बढ़ रही हैं।

पिछली बैठक में क्या चर्चा हुई?

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के विषय पर पिछले हफ्ते हुई CCS की बैठक में कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों द्वारा चुनौतीपूर्ण समय में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी दी। इस बैठक में कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, MSME, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और सभी प्रभावित क्षेत्रों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। ऊर्जा संकट के समय प्रभावित हो रहे बुनियादी ढ़ांचे में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने पर भी चर्चा हुई।