
बिजली-गैस संकट के बीच बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल सप्लाई की मांग की है। इस पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि बांग्लादेश को डीजल सप्लाई करने की मौजूदा व्यवस्था तो जारी रहेगी, लेकिन अतिरिक्त सप्लाई के लिए ढाका की मांग पर भारत की घरेलू जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नई दिल्ली में हर दो हफ्ते में होने वाली मीडिया ब्रीफिंग में कहा, जैसा कि आप जानते हैं, बांग्लादेश को डीज़ल सप्लाई करने के लिए हमारी एक मौजूदा व्यवस्था है। यह व्यवस्था जारी रहेगी। जहां तक आपके द्वारा बताई गई अतिरिक्त मांग की बात है, तो इस पर हमारी अपनी ज़रूरतों, हमारी रिफाइनिंग क्षमता और हमारे देश में डीज़ल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाएगा।
बांग्लादेश ने देश में बिजली और गैस की चल रही कमी को दूर करने में मदद के लिए क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए भारत से डीजल सप्लाई बढ़ाने की मांग की है। पिछले हफ्ते, बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री इकबाल हसन महमूद ने कहा था कि ढाका ने बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के साथ बैठक के दौरान अतिरिक्त डीजल सप्लाई का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें ऊर्जा सहयोग भी शामिल था। बांग्लादेशी दैनिक 'द बिज़नेस स्टैंडर्ड' ने महमूद के हवाले से कहा, "हम पाइपलाइन के जरिए भारत से डीजल आयात करते हैं, और हमने उनसे और सप्लाई करने का अनुरोध किया है।"
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले अप्रैल में भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए भारत से बांग्लादेश को अतिरिक्त 5,000 टन डीजल की सप्लाई शुरू हुई थी। इससे पश्चिम एशिया में समुद्री अनिश्चितता के कारण ऊर्जा आयात पर पड़ रहे असर के बीच ढाका की ईंधन सुरक्षा मजबूत हुई है। बीते 6 अगस्त को भारतीय उच्चायुक्त त्रिवेदी ने महमूद से मुलाकात की, जिसमें दोनों पक्षों ने बिजली और ऊर्जा क्षेत्रों में भारत-बांग्लादेश सहयोग को और मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन राज्य मंत्री अनिंद्य इस्लाम अमित भी मौजूद थे। ढाका में भारतीय उच्चायोग ने 'X' पर पोस्ट किया, "इस चर्चा में भारत-बांग्लादेश आर्थिक साझेदारी के एक अहम हिस्से के तौर पर सीमा-पार बिजली और ऊर्जा कनेक्टिविटी के महत्व पर जोर दिया गया।