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अभेद्य होंगी देश की सीमाएं, ड्रोन और AI कैमरों से लैस तकनीक से रुकेगी घुसपैठ

Smart Border System: अमित शाह ने सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगले 3-4 वर्षों में भारत को घुसपैठ मुक्त बना दिया जाएगा। केंद्र सरकार स्मार्ट बॉर्डर सिस्टम, एआई निगरानी, ड्रोन और हाईटेक सुरक्षा तकनीकों के जरिए पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमा को अभेद्य बनाने की तैयारी में है।

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May 23, 2026
India Border Security (AI Image)

India Border Security: देश आने वाले तीन-चार साल में पूरी तरह घुसपैठ से मुक्त होगा और इसी साल निगरानी के अत्याधुनिक तरीकों वाले स्मार्ट बॉर्डर सिस्टम की शुरुआत से पाकिस्तान-बांग्लादेश की सीमाएं अभेद्य होंगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को यहां विज्ञान भवन में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अलंकरण समारोह में यह घोषणाएं कीं। शाह ने कहा कि सरकार ने अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय (डेमोग्राफी) बदलाव रोकने के लिए न सिर्फ घुसपैठ रोकने बल्कि हर घुसपैठिए को चुन-चुनकर देश से बाहर निकालने का फैसला किया है।

देश को घुसपैठ मुक्त करने के लिए गृह मंत्रालय अत्याधुनिक सुरक्षा ग्रिड बनाने जा रहा है। इसके लिए जल्द त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक होगी। उन्होंने कहा कि किसी समस्या को जड़ से समाप्त करना जरूरी है। नक्सलवाद के बाद घुसपैठ खत्म करने के लिए भी हमें यही तरीका अपनाना होगा।

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डेमोग्राफी मिशन की घोषणा जल्द, बीएसएफ को मिलेगी सूचनाएं

गृह मंत्री ने कहा कि जल्द ही एक हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की जाएगी। यह मिशन घुसपैठ के रास्तों की पहचान करेगा और इसकी जानकारी बीएसएफ को देगा। घुसपैठ से जनसांख्यिकी बदलाव के षडयंत्र को रोकना बीएसएफ की जिम्मेदारी है। बीएसएफ न केवल सीमाओं की सुरक्षा करे बल्कि कलक्टर से पटवारी और एसपी से सिपाही तक संवाद रखकर घुसपैठियों को निकालने की व्यवस्था बनाए।

स्मार्ट बॉर्डर में क्या-क्या?

इसमें तकनीक की मदद से सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा की जाती है। घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए हाईटेक कैमरे, मोशन सेंसर, ड्रोन, रडार सिस्टम, थर्मल इमेजिंग कैमरे, स्मार्ट फेंसिंग, सीसीटीवी, लेजर अलार्म सिस्टम और कंट्रोल व कमांड सेंटर से एआइ आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग का इस्तेमाल किया जाता है। इससे सीमाओं पर 24 घंटे नजर रख तत्काल व प्रभावी कार्रवाई संभव है।

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